सड़क सुरक्षा सप्ताह: लंका बस स्टैंड पर टेंपो में मानक से अधिक सवारी लेकर जाता चालक।
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गाजीपुर। अनलाक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद सड़कों पर वाहनों का संचालन तो शुरू हो गया लेकिन यात्री वाहनों के चालक कोरोना की गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत कम सवारी लेने के नाम पर भाड़ा तो बढ़ा दिया लेकिन लोगों को ठूंस-ठूंसकर भर रहे हैं। छोटी-छोटी दूरी का भी दोगुना किराया लिया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों से नोकझोंक और कई बार मारपीट भी हो जा रही है। जानकारी के बाद भी प्रशासन मौन बना हुआ है।कोरोना के बाद अब सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। सरकार ने वाहनों में कम यात्रियों को बैठाने की इजाजत देते हुए मामूली किराया बढ़ाकर लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए आटो और अन्य वाहनों को नियम जारी कर दिया। जबकि आटो संचालक इन नियमों की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। छोटी-छोटी दूरी का भी दोगुना भाड़ा लिया जा रहा है। इधर कोरोना काल में पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 10 से 12 रुपए तक बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद से निजी वाहन चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। रोजाना वाहन चालक और यात्रियों में तूतू-मैंमैं हो रही। यात्रियों का कहना है कि लाकडाउन की मार और उसके बाद महंगे हो रहे पेट्रोल और डीजल की वजह से यात्रा काफी मंहगी हो गई है। उधर, आटो संचालकों का कहना है कि सड़कों पर कमाई कम हो गई है। ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं जिसकी वजह से भाड़ा बढ़ाना मजबूरी है।