कासिमाबाद। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दुष्कर्म करने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने शनिवार की देर शाम मुकदमा दर्ज किया। साथ ही छानबीन शुरू कर दी। एक गांव की 30 वर्षीय विवाहिता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर अवगत कराया कि बीते सात अक्तूबर को ओमकार राजभर घर आया। सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर घर वालों से एक लाख रुपये लेकर बलिया चलने को कहा। आरोपी ने कहा कि नौकरी लग जाएगी तो घर का सभी खर्च आराम से निकल आएगा। इसके बाद वो आभूषण लेकर घर से ओमकार राजभर के साथ निकल गई। आरोपी उसे लेकर नोनहरा गया। वहां चाय पिलाई। चाय पीने के बाद मैं बेहोश हो गई। बेहोशी की हालत में ओमकार राजभर ने दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद जब होश आया तो मेरे शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। मैं रोने लगी तो उसने कहा कि मुझे माफ कर दो गलती हो गई है। मैं हर हाल में सरकारी नौकरी दिला दूंगा। यह बात किसी से बताना नहीं है। किसी तरह वहां से भागकर घर आई और आपबीती पति से बताई। दूसरे दिन पति के साथ कोतवाली पहुंच कर प्रार्थना पत्र देककर घटना से अवगत कराया, लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज हुआ। इसके बाद प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को दी। बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक को तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया। प्रभारी कोतवाल बालेंद्र यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।