राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में प्रदेश के महाविद्यालयों में अपना स्थान बनाया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 15 जुलाई को इसकी घोषणा की थी। महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. शिवकुमार ने बताया कि इस सूची में उत्तर प्रदेश के केवल नौ राजकीय महाविद्यालयों को स्थान मिला है। जबकि गाजीपुर में राष्ट्रीय स्तर की एनआईआरएफ रैंकिंग में स्थान पाने वाला यह एकमात्र महाविद्यालय है। गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी राजकीय महिला महाविद्यालय ने अपनी एनआईआरएफ रैंकिंग बरकरार रखी है।
महाविद्यालय के एनआईआरएफ समन्वयक एवं रसायन विज्ञान के प्रभारी डॉ. अकबर-ए-आजम ने बताया कि यह रैंकिंग महाविद्यालय में छात्राओं के नामांकन संख्या, शिक्षक-छात्र अनुपात, प्लेसमेंट, प्राध्यापकों के अनुभव, शोध गतिविधियों एवं भौतिक संरचनाओं की स्थिति के स्व मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। यह रैंकिंग प्रतिवर्ष की जाती है तथा पांच वर्षों में होने वाली नैक मूल्यांकन में इस रैंकिंग का विशेष महत्व रहता है। मालूम हो कि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क भारत में उच्च शिक्षा के लिए सभी संस्थानों को रैंक प्रदान करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की तरफ से अपनाई गई विशेष पद्धति है, जिसे 2015 में लांच किया गया था। यह रैंकिंग संसाधनों, अनुसंधान और हितधारकों की धारणा जैसे उद्देश्यों के लिए कई मापदंडों का प्रयोग करता है और इन मापदंडों को पांच समूहों में बांट कर संस्थाओं को रैंकिंग प्रदान करता है। महाविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर की एनआईआरएफ रैंकिंग में स्थान मिलने पर प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सविता भारद्वाज ने हर्ष व्यक्त करते हुए एनआईआरएफ समन्वयक एवं महाविद्यालय परिवार को बधाई दी है।