गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। गंगा के उफान से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों में बेचैनी है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। नगर का जमदग्नि-परशुराम घाट स्थित रामलीला मैदान डूबा है। इससे स्नानार्थी सहित शवदाह करने आए लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बड़ेसर के पास गंगा एनएच 97(24) को छूने को आतुर है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी ईंट-पत्थर के द्वारा बांधने का प्रयास कर रहे हैं ताकि पानी सड़क के पास न आ सके। देवरिया ग्राम के पास एनएच तक पानी पहुंच गया तथा पुलिस चौकी सहित प्राथमिक विद्यालय बाढ़ से घिरा है। तटवर्ती इलाकों में कटान तेज है। तहसील क्षेत्र के रामपुर पट्टी, सरनाम खां, पाह सैयदराजा, कालनपुर, मलसा देवरिया सब्बलपुर मंझरिया चितावनपट्टी राघोपुर जगदीशपुर, रघुनाथपुर बांड़, जीवपुर बांड़, मतसा बांड़, देवरिया बांड़ सहित कई आबादी क्षेत्रों में बाढ़ आ चुकी है। बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित क्षेत्रों में हाहाकार मचा हुआ है। बाढ़ प्रभावित लोग पशुओं सहित गृहस्थी का सामान लेकर नाव द्वारा सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ लोग सिर पर गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं। बाढ़ के कारण पशुओं के खाने का भूसा एवं हरा-चारा सब कुछ नष्ट हो गया है। पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। लोग चारे को लेकर काफी परेशान हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक सुविधा देने का प्रशासन का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की कोई सुविधा अभी तक नहीं मिली। सिर्फ अधिकारी घूमकर चले जाते हैं। सुविधा न मिलने से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। अभी भी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ में फंसे हैं।