गाजीपुर। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण के लिए आए हुए लोको पायलट और स्टेशन मास्टर के लिए राजयोग मेडिटेशन विषय पर कार्यक्रम शुक्रवार को किया गया। इस दौरान राजयोग मेडिटेशन को जीवन जीने की कला बताया गया।ब्रह्मकुमारी निर्मला ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन जीवन जीने की एक कला है। जीवन को सही ढंग से जीने के लिए अपने विचारों पर नियंत्रण करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजयोग से हम अपने विचार, मन, बुद्धि, संस्कार, गुस्सा पर नियंत्रण कर सकते हैं। राजयोग से हम इंद्रियों को भी नियंत्रित कर सकते हैं। इससे मनुष्य के अंदर की शक्ति बढ़ जाती है। कमजोरी से ही तनाव होता है। हम बाहरी बातों को दोष देते हैं। तनाव में रहते हुए हम अच्छा कार्य नहीं कर सकते। इसलिए तनावमुक्त रहना बहुत जरूरी है। कहा कि नकारात्मक विचारों एवं दृष्टिकोण से मनुष्य का जीवन कठिन हो गया है। संस्थान के प्राचार्य हीरालाल ने कहा कि प्रशिक्षुओं के लिए इस तरह के आयोजन आगे भी होते रहेंगे। कार्यक्रम में राजेश प्रसाद, कमलेंदु किशोर, अजीत राय, रविंद्र, वीके यादव, अभय कुमार सिंह यादव आदि उपस्थित थे।