गाजीपुर। प्रदेश के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने शनिवार को स्थानीय पैलेस में प्रेसवार्ता कर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। कहा कि गाजीपुर में अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बनने से पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन करने वाले किसानों को फायदा मिलेगा। साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके लिए कुल 61.87 करोड़ रुपये ( 30 करोड़ केंद्रांश, 20 करोड़ राज्यांश तथा 11.87 करोड़ रुपये मंडी परिषद का अंश) स्वीकृत किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणी की अत्याधुनिक 113 नग दुकानें, प्रशासनिक भवन, अन्य बहुउद्देश्यीय अवसंरचनाओं का निर्माण होना है। उन्होंने कहा कि मार्केट में आधुनिक तकनीक से परिपूर्ण मत्स्य संबंधित सभी घटक थोक-फुटकर व्यापार, रंगीन मछलियों का व्यापार, मत्स्य बीज के लिए आउटलेट, प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना मत्स्य आहार, मत्स्य रोग निवारक, मत्स्य उत्पादकों की उपलब्धता एक छत के नीचे संगठित रूप से की जा सकेगी।
मंडी की स्थापना से वाराणसी मंडल के साथ-साथ पूर्वांचल के सभी जिलों में मात्स्यिकी विकास से खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालकों के मत्स्य उत्पादों का उचित मूल्य, रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। साथ ही अन्य राज्यों में मत्स्य निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उप्र राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की तरफ से परियोजना निर्माण के लिए टेंडर किया जा रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मत्स्य पालन और उनसे जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा किया। कहा कि प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री की अगुवाई में मछुआ समाज का कल्याण हुआ है। मछुआ समाज का हक और अधिकार उनके घर तक पहुंच सके इसके लिए मत्स्य विभाग के माध्यम से उनको लाभान्वित किया जा रहा है।