मरदह। थाना क्षेत्र के पौराणिक महत्व वाले धार्मिक स्थल महाहर धाम मंदिर परिसर में वन माफिया व भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। आए दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए लिए लगाएं गए वृक्ष व पौधों को काटा जा रहा है। साथ ही मंदिर परिसर की जमीन को भी कब्जा किया जा रहा है। मंदिर समिति ने वन विभाग को बताया की एक दबंग क्षेत्रीय लेखपाल से मिली भगत कर जमीन पैमाइश कराया। साथ ही जमीन पर लगाएं गए पौधों को काटकर फेंक दिया। यही नहीं 50 मीटर की सरकारी चकरोड को भी जेसीबी मशीन से नष्ट कर दिया। जब विभाग ने छानबीन की तो पता चला कि वर्ष 2018 में मंदिर के जमीन में क्षेत्रीय वन विभाग द्वारा 60 शीशम के पौधे एवं नौ अन्य पौधे के साथ ही 75 मीटर फेन्सिंग वायर लगवाया था, जो गायब हो चुका है। इससे 14800 रुपये की राजस्व क्षति हुई। इस संबंध में वन विभाग के दरोगा विजयशंकर सिंह ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ नामजद तहरीर दी। थानाध्यक्ष शरदचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मनियार दुर्खुर्शी गांव निवासी दुधनाथ यादव के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया गया।