गाजीपुर। अनुसूचित जाति-जनजाति के आरक्षण में वर्गीकरण और क्रीमीलेयर के खिलाफ बुधवार को भारत बंद के आह्वान के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की एकजुटता दिखी। हाथों में अपने-अपने संगठन का झंडा लेकर सड़क पर उतरे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कचहरी के पास धरना दिया। इसके बाद डीएम आर्यका अखौरी को पत्रक सौंपा। उधर कासिमाबाद में प्रदर्शनकारियों ने आधा दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ दो घंटे तक चक्का जाम कर दिया। कई दुकानों के शटर तोड़ने की कोशिश की, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के होर्डिंग्स तोड़ गए। वहीं एक कपड़ा दुकानदार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
मिश्रबाजार में सुबह 11 बजे विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और संगठनों के सदस्य जुटने शुरू हो गए थे। यहां से सभी इकट्ठा होकर जुलूस की शक्ल में महुआबाग होते हुए कचहरी पहुंचे। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। मुहआबाग से लेकर विशेश्वरगंज तक में कुछ-कुछ देर के लिए धरना दिया। इसके बाद ये सभी संगठन कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। वहां सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। घंटों धरना देने के बाद संगठनों के पदाधिकारी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
उधर, सपा के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय समता भवन से लंका, सकलेनाबाद, मिश्रबाजार, महुआबाग होते हुए कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां, जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, विधायक डा. विरेन्द्र यादव, जैकिशन साहू ने कार्यकर्ताओं संग राष्ट्रपति के नाम संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के इस डायरेक्शन को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार कानून बनाकर डायरेक्शन को रद्द करे। चेताया कि अगर सरकार कानून बनाकर इस बदलाव को रद्द नहीं करती है तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। जमानिया : भारत बंद के आह्वान के तहत समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष अनिल यादव की अगुवाई में सपा कार्यालय से तहसील परिसर तक जुलूस निकाला गया। साथ ही राज्यपाल को संबोधित पत्रक तहसीलदार राम नारायन वर्मा को सौंपा गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अनुसूचित जाति / अनुसूचित जन जाति के हक की लड़ाई लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी संकल्पित है। भीमापार : क्षेत्र के भीमापार व मखदुमपुर बाजार में लोगों ने सड़क पर झंडा बैनर और स्लोगन लिखी तख्तियों को हाथ में लेकर आरक्षण संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। कासिमाबाद: एससी-एसटी आरक्षण वर्गीकरण को लेकर भारत बंद के दौरान बसपा एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कासिमाबाद चौक पर दो घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। खंड विकास कार्यालय पर लगे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की होर्डिंग्स तोड़ दी गई। धरने के दौरान आंदोलनकारी अचानक दुकानों को बंद कराने लगे। इससे अफरातफरी मच गई। हाथ में लोहे की राड लेकर चल रहे आंदोलनकारियों ने कई दुकानों के बंद शटर भी तोड़ने की कोशिश की गई। दुकानों के शीशा तोड़कर क्षतिग्रस्त किए गए। दोपहर एक बजे एसडीएम आशुतोष कुमार और एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी को बसपा और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक देकर केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निरस्त करने की मांग की। वहीं सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से प्रदर्शन को समर्थन दिया गया।
जाम के कारण हांफते रहे लोग
गाजीपुर। जुलूस निकलने से नगर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कचहरी, महुआबाग, लंका, मिश्रबाजार, नवापुरा, विशेश्वरगंज के अलावा रौजा पर जाम की स्थिति देखने को मिली। जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा कलेक्ट्रेट कार्यालय
गाजीपुर। भारत बंद के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस अलर्ट नजर आई। कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास का इलाका पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील रही। सीओ सिटी सुधाकर पांडेय और शहर कोतवाल दीनदयाल पांडेय जुलूस के आगे-आगे चल रहे थे। साथ ही जुलूस के पीछे भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास पीएसी के जवानों की तैनाती देखी गई।
जिस मार्ग से निकला जुलूस, धड़ाधड़ बंद हुईं दुकानें
गाजीपुर। नगर के जिन-जिन मार्गों से जुलूस निकला, वहां दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरते हुए दिखाई दिए। संभावित अनहोनी को लेकर दुकानदार संशकित नजर आए। प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को दुकानों को बंद कराने की कोशिश करते हुए देखा गया। कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में झंडे के अलावा डंडे भी देखे गए। हालांकि हर स्थिति से निपटने को लेकर पुलिस मुस्तैद दिखी।
एसडीएम को लौटाया बैरंग
कलेक्ट्रेट के पास धरना-प्रदर्शन के दौरान एसडीएम शालिग्राम पत्रक लेने के लिए पहुंचे थे। लेकिन, प्रदर्शनकारियों ने उनको पत्रक सौंपने से इंकार कर दिया। इसके बाद उनको बैरंग वापस लौटना पड़ा। अंत में कलेक्ट्रेट में जाकर प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधिमंडल डीएम आर्यका अखौरी को राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक सौंपा।
इन संगठनों ने किया प्रदर्शन
संविधान बचाओ संघर्ष समिति, सपा, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद, आजाद समाज पार्टी कांशीराम, भारत एकता मिशन, बसपा, भीम आर्मी छात्र संघ आदि संगठनों ने भारत बंद आंदोलन के तहत प्रदर्शन में हिस्सा लिया।