गंगा की उर्वर माटी गाजीपुर को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के जनपद स्तरीय लक्ष्य 300 करोड़ से सापेक्ष साढ़े पांच गुना से भी अधिक 1753 करोड़ रुपये के निवेशप्रस्ताव मिले है। इसमें से दो तिहाई निवेश प्रस्ताव फूड प्रोसेसिंग, कृषि अधारित उद्योग, पैकेजिंग और उद्यान के क्षेत्र में होगा। इसके लिए कुल 137 निवेशक आगे आए हैं। सोमवार को शहर के ग्रैंड पैलेस होटल में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में 95 निवेशकों के साथ समझौता भी हुआ।
इस मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने निवेशकों से कहा कि साल 2017 के बाद जनपद का माहौल बदला है। भयमुक्त और सुरक्षा के वातारण में यहां सड़क, रेल और जलमार्ग से कनेक्टिविटी व बिजली की व्यवस्था बेहतर हुई है। अपार भूमि की उपलब्धता के बीच निवेश सुगम जनपद बना है। आगे भी व्यापार के लिए निवेशकों को हर संभव मदद उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने निवेशकों के सम्मुख जनपद के विकास का खाका रखा। उन्होंने बताया कि उद्योग के लिए जमीन, कच्चा माल, लेबर और कनेक्टिविटी की जरूरत होती है। जो गाजीपुर में बहुतायत मात्रा में है। यहां 44 लाख की आबादी है। इसमें 18 से 40 साल के बीच 65 फीसदी आबादी है। यहां धान, सब्जी और फल आधारित उद्योग है। यहां की जीडीपी (सकल घरेलु उत्पाद) कृषि आधारित है। जो पारंपरिक खेती पर आधारित है। इसमें बदलाव लाने की जरूरत है।
डीएम ने कहा कि पिछले कुछ सालों में जनपद का माहौल सकारात्मक बन रहा है। जितने अधिक निवेशक यहां आएंगे प्रशासन उनको हर संभव मदद मुहैया कराएगी। विभागों में लालफीताशाही को खत्म कर निवेशकों को आने वाली अड़चन दूर किया जाएगा। जिससे किसी भी निवेशक को किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही भूमि उपलब्ध कराने में भी भरपूर सहयोग किया जाएगा।
बलिया सांसद विरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि देश की निर्माण में उद्योगपतियों की बहुत बड़ी भूमिका रही है। देश, शासन, प्रशासन और समाज तीनों के संयुक्त प्रयास से आगे बढ़ता है। हम भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार तथा गाजीपुर प्रशासन की तरफ से भरोसा दिलाते हैं कि निवेशकों को पूरा सहयोग किया जाएगा।
सांसद ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका, चीन और यूरोप की नहीं है। भारत की अर्थव्यवस्था भारत की है। कोरोना काल में जब दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो रही थी तो कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने संभाला। उसमें बढ़ोत्तरी हुई। उन्होंने कहा कि गाजीपुर और बलिया प्रकृति खेती के लिए दुनिया का हब बन सकता है। दुनिया में प्राकृतिक उत्पादों की मांग है। गंगा किनारे 5 किमी के दायरे में बड़े स्तर पर प्राकृतिक खेती हो सकती है। इस योजना पर काम भी हो रहा है। इससे किसानों में समृद्धि में आ सकती है। किसानों के उत्पाद बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निवेशकों की है।
एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहा कि 300 करोड़ का लक्ष्य था जिसके सापेक्ष 17 सौ करोड़ का इन्वेस्ट कर आप सभी ने विश्वास जताया है। जनपद में इन्वेस्ट पहले ही आ जाना चाहिए था। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनपद गाजीपुर जैसे पिछड़े जिले में भी 1500 करोड़ के उद्योग लगाये जा रहे है, तथा उन व्यापारियों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने गाजीपुर चुना है।
जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि मुझे गर्व है कि हम जनपद गाजीपुर के है। विगत वर्ष पहले गाजीपुर गुंडा माफियाओं के नाम से जाना जाता था। यहां पर पूंजी लगाने से लोग डरते थे, जिससे गाजीपुर पिछड़ा रह गया। जो भी निवेशक यहां निवेश करना चाहते है उनका जनपद गाजीपुर में स्वागत है। पूर्वांचल में निवेश से लगभग 30 हजार युवकों को रोजगार मिलेगा।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने उद्यमियों तथा अधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि इन्वेस्टमेंट व सुरक्षा व्यवस्था दोनों जरूरी है। पिछले दिनों जनपद में दो जगह चौकी खुली। पता चला कि वहां जमीन का रेट बढ़ गया। एसपी ने कहा कि सुरक्षा भी इंफ्रास्ट्रक्चर का अंग है। गाजीपुर में भी 2017 से पहले और अब में काफी बदलाव आया है। कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। कहा कि गाजीपुर में सुरक्षा व्यवस्था प्राप्त हो इसके लिए पुलिस कार्यालय में इन्वेस्टमेंट सेल की भी स्थापना किया गया है जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जो कार्य उद्यमी कर रहे हैं उन्हें अगर कोई समस्या हो तो अवगत कराएं ताकि उसका निस्तारण कराया जा सके। यहां उद्योग स्थापित करें कोई भी समस्या होगी तो पुलिस प्रशासन आपके सहयोग में हमेशा तत्पर रहेगा।
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10 से 12 फरवरी तक लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट का होगा आयोजन
प्रदेश में 10 से 12 फरवरी, को इन्वेस्टर्स समिट लखनऊ में आयोजित की जा रही है। उसी के क्रम में गाजीपुर में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित हुई। शासन द्वारा जनपद में एमएसएमई विभाग को 300 करोड़ के निवेश का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष 76 निवेशकों द्वारा 378 करोड़ निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है। डीएम ने कहा कि अभी भी निवेश सारथी के जरिए निवेश किया जा सकता है। जो नंदगंज में चीनी मिल बंद है उसको उद्योग के कार्य में लाया जा सकेगा।
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सड़क, रेल और जल कनेक्टिीविटी से जुड़ा जनपद
गाजीपुर का परिवेश भौगोलिक कच्चे माल एवं मानव संसाधन की उपलब्धता के दृष्टिकोण से बेहतर है। जनपद परिवहन के दृष्टिकोण से पूर्वाचल एक्सप्रेस-वें द्वारा राजधानी से जुड़ा है। एनएच-24 से बिहार प्रांत तथा वाराणसी से जुड़ा है। एनएच-24 द्वारा गोरखपुर तथा वाराणसी रिंग रोड के माध्यम सेे अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लालबहादुर शास्त्री बाबतपुर से जुड़ा है। रेलवे द्वारा भी दिल्ली, मुंबई, गुजरात तथा अन्य प्रांतों से कच्चे माल के आयात एवं उत्पादित माल के निर्यात होता है। गाजीपुर से राष्ट्रीय जलमार्ग भी वाराणसी और पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट से जुड़ गया है।
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ये रहे मौजूद
इस अवसर पर निवर्तमान नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, उद्यमी वशिष्ठ यादव, प्रबंधक सुखबीर एग्रो, अक्षय कुमार दूबे, प्रदीप कुमार सिंह, कृष्ण मुरारी राय, अखिलेश राय, सरोज राय के साथ अन्य उद्यमी उपस्थित रहेे। कार्यक्रम का संचालन नेहरू युवा केन्द्र के एसीटी सुभाष प्रसाद ने किया तथा कार्यक्रम में समापन मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने किया।