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प्रो. राम मोहन पाठक को विजय श्री सम्मान

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शहर के लंका मैदान स्थित सभागार में विजय कुमार स्मारक न्यास की ओर से यश भारती सम्मान से सम्मानित पत्रकार विजय कुमार की जयंती मनाई गई। अतिथियों की ओर से उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पत्रकार प्रो. राम मोहन पाठक को विख्यात पत्रकार स्वर्गीय विजय कुमार की स्मृति में प्रतिष्ठित विजय श्री सम्मान से सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि विजय बाबू ने स्वतंत्रता संग्राम में संघर्ष किया। कर्मचारियों के हक की लड़ाई के लिए कानपुर की जेल में बंद रहे। जिसमें गणेश शंकर विद्यार्थी भी रह चुके थे। वह लोकसभा व उत्तर प्रदेश की विधानसभा की समीक्षा करने वाले पत्रकार थे। पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधानसभा में अधिष्ठाता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि विजय बाबू अमर हैं। उनका मानना था कि सबके चेहरे पर प्यार और मोहब्बत दिखाई दे तभी समाज आगे बढ़ सकता है। प्रवक्ता श्रीकांत पांडेय ने कहा विजय बाबू स्वतंत्रता आंदोलन से निकले हुए योद्धा थे। विधायक डा. वीरेंद्र यादव ने कहा कि विजय बाबू ने मूल्य पर आधारित पत्रकारिता की। वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि समाज में मूल्यों का क्षरण हुआ है लेकिन विजय बाबू इससे अछूते रहे।
पूर्व कुलपति और वरिष्ठ पत्रकार प्रो. राम मोहन पाठक ने कहा कि पत्रकारिता साधना से सिद्धि का क्षेत्र है। निरंतर समर्पण और सक्रियता ही पत्रकारिता में सफलता का मूलमंत्र है। प्रोफेसर पाठक ने सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विजय कुमार का समर्पण तथा उनकी विशिष्ट ग्राउंड रिपोर्टिंग विधा आज भी प्रासंगिक तथा नए पत्रकारों के लिए अनुकरणीय है। अध्यक्षता कर रहे धीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि विजय बाबू के जीवन की संघर्ष यात्रा ग्रामीण स्तर से शुरू हुई। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान नंदगंज रेल कांड चर्चा का विषय बना रहा। कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, विधायक जैकिशन साहू, वरिष्ठ अधिवक्ता राम पूजन सिंह, व्यास मुनि राय, शेख जैनुलाब्दीन व डा. सानंद सिंह ने भी संबोधित किया।
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