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Ghazipur News: प्रेरणा पोषण वाटिका का नहीं हुआ निर्माण

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रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में शासन के निर्देश के तीन साल बाद भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रेरणा पोषण वाटिका का निर्माण नहीं हो सका है। करीब दस लाख की लागत से 203 आंगनबाडी केंद्रों में वाटिका का निर्माण कराया जाना था, जिसके नौनिहालों, गर्भवती, धात्री माताओं, युवतियों को कुपोषण मुक्त किया जा सके। इन पोषण वाटिकाओं के लिए करीब 12 से अधिक स्वयं सहायता समूह का चयन कर लिया गया था। फरवरी में इन्हें प्रशिक्षत किया जाना था। इन वाटिकाओं में मौसमी फल एवं सब्जी का उत्पादन होना था, जिससे कुपोषण को दूर किया जा सके। संबंधित विभाग की माने तो पूरे ब्लाक में 203 आगंनबाडी केंद्रों पर 11 हजार के करीब नौनिहाल पंजीकृत है। इनमें से 75 कुपोषित, 45 अतिकुपोषित हैं, जबकि 1500 धात्री, 2000 के आसपास गर्भवती एवं 80 किशोरी है। योजना का मुख्य मकसद वाटिका में उत्पाद होने वाले फल और सब्जियों के जरिए कुपोषण को दूर करने के साथ ही जरूरत पूरी होने के बाद बचे हुए उत्पाद को मंडियों में बेचकर स्वयं सहायता समूह की आय बढ़ाना भी है। पोषण वाटिका में पपीता, सोयाबीन, आम, सहजन, पालक, शलजम, टमाटर, अमरूद, बैगन, गोभी, लौकी, मिर्च, टिंडा, तुरई आदि का उत्पादन होना था। एक प्रेरणा पोषण वाटिका को तैयार करने में लगभग छह से सात हजार का खर्च आएगा। सीडीपीओ अखिलेश कुमार ने बताया कि पोषण वाटिका बनाने के लिए शासन से 12 लाख रुपये मिले हैं। सहायता समूह की महिलाओं का चयन हो गया है। जिन्हें जल्द ही पोषण वाटिका के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
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