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घर से बेटी की डोली उठने की गरीब पिता की टूटी आस

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शासन की ओर से व्यक्तिगत शादी अनुदान के स्थगित होने से आवेदकों के उम्मीदों पर पानी फिर गया है। शासन ने वर्तमान वित्त वर्ष में एससी, एसटी, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग के निर्धनों की घर पर होने वाली शादी के लिए अनुदान देने के लिए शून्य बजट आवंटित किया है। जिससे उम्मीद लगाए लोगों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि शासन ने इस वर्ष मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बजट का आवंटन दो गुना से ज्यादा किया है। जिसके तहत ही सामूहिक शादियों को कराने पर शासन का जोर है।
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मालूम हो कि बसपा सरकार के कार्यकाल में बीपीएल श्रेणी के व्यक्तियों को उनकी पुत्रियों की शादी में बीस हजार रुपए की मदद करने के लिए शादी अनुदान योजना शुरू की गई थी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कर्ज लेने के बजाए इस पैसे से विवाह करने में काफी हद तक मदद मिल जाती थी। यहां तक कि अधिकांश जरूरतमंद मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के बजाए इसी योजना का इंतजार करते थे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो पिछले वर्ष जिले में 1800 लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ उठाया था। वर्तमान वित्तीय सत्र में भी 2500 लोग लाभान्वित होने की उम्मीद में आवेदन कर चुके हैं।
पिछले वर्ष 1800 आवेदक लाभान्वित हुए थे। इस वर्ष भी 2500 लोगों ने आवेदन किया था लेकिन बजट में शादी अनुदान योजना के तहत आए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की धनराशि सरकार को वापस कर पोर्टल को बंद कर दिया गया है। आगे भी सरकार के निर्देश का पालन किया जाएगा।
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नरेंद्र विश्वकर्मा, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी गाजीपुर
बंद कर दिया गया पोर्टल
शादी अनुदान योजना के अंतर्गत पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए आवेदक को कम से कम छह सौ रुपए खर्च करने पड़ते थे। अभी तक इस वित्तीय वर्ष में पोर्टल पर कुल 2500 आवेदन आ चुके हैं लेकिन जिला पिछड़ी वर्ग अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा इस योजना के तहत किसी भी तरह के बजट का प्रावधान न होने की बात सामने आने के बाद पोर्टल को बंद कर दिया गया है।
बजट के लगभग डेढ़ करोड़ रुपये सरकार को वापस
गाजीपुर। लगभग दस दिनों पूर्व अनु सचिव ने पिछड़ा वर्ग कल्याण के निदेशक को भेजे पत्र में 2022-23 के अंतर्गत निर्धन व्यक्तियों की बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता संबंधी कोई प्रावधान न होने की बात कहते हुए पूर्व में जारी बजट को वापस करने के लिए कहा था। जिला पिछड़ी वर्ग अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार के इस निर्देश के तहत जिले में शादी अनुदान योजना के तहत आए लगभग डेढ़ करोड़ रूपए सरकार को वापस कर दिए गए हैं।
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