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Ghazipur News: दोनों आरोपियों के मोबाइल खंगालेगी पुलिस

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राजकीय गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में छात्राओं की आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला
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फॉरेंसिंक जांच के लिए भेजी जाएगी आरोपी छात्र-छात्रा की मोबाइल


-शिकायत करने वाली छात्राओं ने साध ली चुप्पी, लिखित कुछ भी देने से कर दी हैं इंकार

संवाद न्यूज एजेंसी

गाजीपुर। राजकीय गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पढ़ने वाली एक छात्रा और एक छात्र द्वारा बीएचएमएस प्रथम वर्ष की छात्राओं की आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मचा है। पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने अपने-अपने स्तर से जांच में जुटे हैं। वहीं, शिकायत करने वाली छात्रा के अभिभावक भी आए और अपनी बेटी का कमरा बदलवा दिया। दूसरी ओर पुलिस मामले में सच सामने लाने के लिए आरोपी दोनों छात्र-छात्राओं की मोबाइल को फॉरेंसिक टीम की मदद से स्क्रीनिंग कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए दोनों से मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है।
वर्ष 1962 में स्थापित राजकीय गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हॉस्टल की सुविधा नहीं है। ऐसे में बीएचएमएस की पढ़ाई करने आने वाले दूर-दराज के छात्र-छात्राओं को बाहर कमरा लेकर रहना पड़ता है। ऐसे में छात्राएं भी पढ़ाई के लिए अपनी सुविधा के अनुसार प्राइवेट हॉस्टल में रहती हैं। बीते दिनों बीएचएमएस प्रथम वर्ष की करीब 20 छात्राओं ने शिकायत की और आरोप लगाया था कि उनके बैच की एक छात्रा अपने साथ रहने वाली छात्राओं के अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर और वीडियो कॉल करके बीएचएमएस द्वितीय वर्ष के छात्र को दिखाती और भेजती है।
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विरोध करने पर छात्र दबाव बनाते हुए फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देता है। इस तरह के आरोप को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोप के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने दोनों आरोपी छात्र-छात्रा को छह-छह माह के लिए निलंबित कर दिया है। साथ ही कमेटी गठित कर मामले में कॉलेज के सभी विद्यार्थियों का बयान लेने का निर्णय ली।
मामला तूल पकड़ने पर यह बात सामने आई कि दोनों आरोपी छात्र-छात्राओं के मोबाइल की गैलरी से फोटो और वीडियो डिलीट करा दिया गया है। वहीं, अब जांच शुरू होने और मामला बढ़ता देख शिकायत करने वाली छात्राओं ने भी चुप्पी साध ली है। एक दिन पहले जांच करने गए एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार के सामने लिखित रूप से कुछ भी बयान देने से इंकार कर दी। जांच अधिकारियों के मुताबिक अब छात्राएं यह कहने लगीं हैं कि वे शक के आधार पर शिकायत की थी।
दूसरी ओर आरोपी छात्रा की रूम मेट छात्रा के अभिभावक भी एसपी सिटी और कॉलेज प्रशासन से मिले और इसके बाद अपनी बेटी का कमरा भी बदलवा दिए हैं। वहीं, पुलिस और कॉलेज प्रशासन की जांच में अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं है,जिससे शिकायत को सही माना जाए। हालांकि जांच टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है आखिर सच क्या है। इसके लिए दोनों की मोबाइल को फॉरेिसिंग जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया गया है, ताकि पुरानी फोटो, वीडियो और कॉल डिटेल्स आदि सामने आ सके और मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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करियर बर्बाद होने की बात कहकर रो रहे आरोपी

दोनों आरोपी खुद को बेगुनाह बता रहे हैं। साथ ही अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए हर स्तर से गुजरने को तैयार हैं। कॉलेज से जुड़े एक जिम्मेदार के मुताबिक आरोपी अपने बयान दर्ज कराने के दौरान रो रहे थे। वे कह रहे थे उनकी फोटो तक वायरल हो रही है, जबकि वे निर्दोष हैं, ऐसे में उनका करियर और समाज में जीना मुश्किल हो जाएगा।
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एसपी सिटी मामले की जांच कर रहे हैं। अभी उनकी रिपोर्ट नहीं मिली है। जहां तक मुझे पता है अभी तक कुछ भी ऐसा नहीं मिला है, जिससे शिकायत को सही माना जा सके। हालांकि सच्चाई सामने लाने के लिए दोनों छात्र-छात्रा के मोबाइल की फारेंसिक जांच की जाएगी। स्क्रीनिंग से सबकुछ सामने आ जाएगा।- ओमवीर सिंह, एसपी
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