सर्व समाज विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश राम और जनकल्याण विकलांग सेवा समिति के अध्यक्ष राम विजय चौहान की अध्यक्षता में जखनिया तहसील में दिव्यांगों के समस्याओं को लेकर लखनऊ जाने के लिए बुधवार की शाम छह बजे कृषक एक्सप्रेस से जाने का निर्णय किया गया था। इस मंसूबे पर पानी फेरने के लिए प्रशासन ने फिर अपना पुराना रवैया अख्तियार करते हुए 19 जुलाई रात से ही चक फातमा उर्फ बैरक गांव में सर्व समाज विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश राम और वहीं भिखईपुर थाना बहरियाबाद गांव निवासी जनकल्याण विकलांग सेवा समिति के अध्यक्ष राम विजय चौहान को भी नजर बंद कर दिए।
इससे गुस्साए दिव्यांगों ने अपने घर पर दर्जनों महिला पुरुष दिव्यांगों के साथ आमरण अनशन बैठ गए और जमकर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। दोपहर तीन बजे अधिकारियों के तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला तो जिलाधिकारी का पुतला भिखईपुर के सड़क पर फूंका गया। इस मौके पर प्रबंधक राम विजय चौहान ने कहा कि हम लोगों द्वारा दर्जनों बार मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पत्र लिखा गया और जब कृषक एक्सप्रेस से जाने की समय होता है तो प्रशासन एक दिन पहले घर पर ही नजर बंद कर देती है और दिव्यांगों के समस्या दूर करने के लिए आश्वासन देती है। इससे गुस्साए दिव्यांगों ने भिखईपुर जनकल्याण विकलांग सेवा समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में अब तक आमरण अनशन बैठे हुए हैं। वहीं मऊ आरपीएफ के एसओ मनोज कुमार शुक्ला सहित रेलवे सुरक्षा बल तैनात है। भुड़कुड़ा कोतवाल राजू दिवाकर भी जखनिया बाजार सहित दिव्यांगों की जहां से आने की उम्मीद है वहां वहां पुलिस व्यवस्था तैनात कर स्टेशन तक न पहुंचने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिए हैं।