वाराणसी की एंटी करप्शन की टीम ने कुछ दिन पूर्व रिश्वत लेते उपनिरीक्षक को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही शिकायतकर्ता ने सादात थानाध्यक्ष पर उपनिरीक्षक से मिलकर लेने-देन करने का आरोप लगाया था। इस मामले में टीम ने उपनिरीक्षक और थानाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
निर्वाचन आयोग की अनुमति मिलने पर एसपी ने शनिवार की देर शाम सादात थानाध्यक्ष और उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं गोराबाजार चौकी प्रभारी को सादात थाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना के गजदड़ा निवासी संजय यादव ने वाराणसी एंटी करप्शन टीम से शिकायत करते हुए बताया था कि उपनिरीक्षक आफताब अहमद ने सादात थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी से मिलकर बीते 23 फरवरी को लावारिस में दाखिल की गई स्विफ्ट वीडीआई कार को रिलीज कराने के लिए एसडीएम के पास आख्या भेजने के नाम पर 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने बीते दो अप्रैल को सादात थाना परिसर से 25 हजार रुपया रिश्वत लेते उपनिरीक्षक आफताब अहमद को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही टीम ने थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी और उपनिरीक्षक के खिलाफ बहरियाबाद थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।