जमानियां। मुहम्मदपुर गांव निवासी गोरख चौहान इन दिनों गहरे संकट से गुजर रहे हैं। उनकी पत्नी पिछले डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती हैं और जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रही हैं। आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब गोरख चौहान के पास इलाज का खर्च उठाने की भी सामर्थ्य नहीं बची। अस्पताल प्रशासन ने करीब 80 हजार रुपये बकाया बिल जमा किए बिना उनकी पत्नी को डिस्चार्ज करने से मना कर दिया है। निराशा की इस घड़ी में गोरख चौहान ने गांववासियों से हाथ जोड़कर मदद की अपील की। भतीजे राजन चौहान ने गांव के वॉट्सएप ग्रुप में फोटो सहित संदेश साझा किया और सभी से सहयोग करने की अपील की। गांववासियों ने भी इस पुकार पर संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने-अपने सामर्थ्य अनुसार योगदान दिया। किसी ने सौ, किसी ने हजार, तो किसी ने और अधिक राशि क्यूआर कोड के माध्यम से भेजकर गोरख चौहान की मदद की। इतना ही नहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल सहित गांव के कई युवाओं ने रक्तदान भी किया, जिससे गोरख चौहान की पत्नी के इलाज में मदद मिल सके। गांव के लोगों की यह एकजुटता और सहयोग भाव सचमुच मानवता की मिसाल पेश करता है। विपत्ति की इस घड़ी में पूरा गांव एक परिवार की तरह खड़ा होकर गोरख चौहान को सहारा दे रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल ने नवरात्र के पावन अवसर पर गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना ही मां दुर्गा की सच्ची आराधना बताते हुए संकट की घड़ी में एक-दूसरे के काम आना ही मानवता का असली धर्म बताया और सभी क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील की।