रेवतीपुर थाना क्षेत्र के रामपुर के पास गंगा नदी पर स्थित दो तहसील को जोड़ने वाले पीपापुल से एक सप्ताह बाद भी चालू नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि राहगीर जान जोखिम में डालकर आवगमन कर रहे हैं। चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद है। अभी तक संबंधित अधिकारी लापरवाह बने हैं। लोगों ने बताया कि चार पहिया वाहनों का आवागमन तो पिछले दस दिनों से पूरी तरह से बीते एक सप्ताह पूर्व इस पीपापुल का एप्रोच पानी के तेज बहाव के चलते बह गया था, जिससे तीन दिनों तक आवागमन ठप था। महकमें के द्वारा एप्रोच का दोबारा मरम्मत कर उसे बनाया गया, लेकिन घटिया तरीके से बनाए गये एप्रोच के चलते दोबारा इसका एप्रोच एक हफ्ते में तीसरी बार गंगा में विलीन हो गया। इधर ग्रामीण आवागमन के लिए आपसी सहयोग से रेत और लोहे की प्लेट रखकर एप्रोच बनाए हैं, जो हादसे को दावत दे रहा है। इस वर्ष पीपापुल का संचालन नियमित तरीके से नहीं हो पा रहा है। महज डेढ़ महीनें का ही समय बचा है, उसके बाद 15 जून से मानसून का मौसम शुरू होते ही यह पीपापुल आवागमन के लिए अगले 15 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया जाएगा। लोगों ने बताया कि इस पीपापुल में जर्जर लकड़ी के स्लीपर, रेलिंग विहीन पुल हादसे को दावत दे रहा है। लोक निर्माण विभाग खंड तृतीय के अवर अभियंता महेंद्र मौर्य ने बताया कि जल्द एप्रोच का निर्माण और रेलिंग लगाकर पुल को चालू कर दिया जाएगा।