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Ghazipur News: तवे की तरह तप रही दोपहरी में झुलस रहे लोग

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गाजीपुर। जून का पहला पखवाड़ा बीतने के बाद भी लू की थपेड़ों और गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली है। अभी भी तापमान 43 डिग्री के आस-पास बरकरार है। महीने के शुरूआत से ही मौसम का मिजाज काफी तल्ख रहा है। तवे की तरह तप रही दोपहरी में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
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आपको बताते चलें कि 9 जून को जनपद का तापमान 42.7 डिग्री, 10 जून को 42.2 डिग्री, 11 जून को 42.6 डिग्री, 12 जून को 42.5 डिग्री, 13 जून को 43.4 डिग्री, 14 जून को 43.6 डिग्री और 15 जून को 42.5 डिग्री तापमान रहा। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि 15 जून तक मानसून दस्तक दे देगा, लेकिन मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अभी 20 जून तक हल्के बादल छाए रहेंगे और तपन बरकरार रहेगी। इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है।
हालांकि, चक्रवात का असर तटवर्ती इलाकों में होने से बृहस्पतिवार को दिन में यहां भी हवाएं तेज चलती रहीं और दिन भर बादलों के लुका-छिपी का खेल जारी रहा। जिससे थोड़ी राहत रही। फिर भी तापमान में कोई विशेष गिरावट नहीं देखने को मिला।
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गर्मी के चलते शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं। जिसमें बिजली संकट, पेयजल संकट बड़ी समस्या है। जिससे आम जनजीवन काफी अस्त-व्यस्त है। वहीं, गर्मी की मार खेती-किसानी पर भी पड़ रही है। खासकर सब्जी की खेती करने वाले किसान सिंचाई आदि को लेकर बेहद त्रस्त हैं। इधर, नहरों में भी पानी की आपूर्ति ठीक-ढंग से नहीं होने से अधिकांश क्षेत्रों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। धान का बेहन डालने वाले किसानों के सामने पानी का संकट गहरा गया है, जो गर्मी के कारण बार-बार सिंचाई करने को विवश हैं।
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जरूरत के समय किसानों को धोखा दे रही नहर
बारा। खेती किसानी के समय जमानियां मुख्य नहर के टेल, गहमर पूर्वी व पश्चिमी पंप कैनाल से जुड़ी नहरों में पानी के बजाए धूल उड़ रही है। इन दिनों धान की नर्सरी तैयार करने के लिए खेतों में पानी की जरूरत है। नहर सूखी होने से खेती - किसानी में विलंब हो रहा है। जमानियां मुख्य नहर के अलावा गहमर पूर्वी व पश्चिमी पंप कैनाल से जुड़ी नहर में पानी नहीं होने से किसानों को सिंचाई के संकट का सामना करना पड़ रहा है। धान की नर्सरी डालने के लिए किसान परेशान हैं। जमानियां मुख्य नहर व माइनरों पर निर्भर किसानों को धान की नर्सरी डालने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान सुनील सिंह, एजाज खां, शब्बू खां, जियाउद्दीन खां, सुरेश सिंह, ओमकार यादव ने बताया कि यदि धान की नर्सरी समय पर नहीं तैयार की गई तो रोपाई समय से नहीं हो पाएगी। किसानों ने बताया कि जमानियां मुख्य नहर में पानी तो छोड़ा गया है, लेकिन मनियां गांव के पास किसान फाटक बंद कर दिए हैं, इससे नहर के टेल गहमर, बारा तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं, गहमर पूर्वी पंप कैनाल का मोटर पिछले एक सप्ताह से फुंका पड़ा है। किसानों ने शीघ्र नहर व माइनरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ने की मांग की है।
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पछुआ हवा से झुलस रही खेती-किसानी
मुहम्मदाबाद। तेज चल रही पछुआ हवाओं के चलते जहां एक तरफ लोग झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खेती किसानी पर भी लू के थपेड़ों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पिछले एक पखवाड़े से चल रही भयंकर लू और 43-44 डिग्री तापमान से लोग परेशान हैं। किसान अपने खेतों में धान की नर्सरी के लिए बेहन डाल कर उसे बचाने के लिए लगातार उसमें पानी चलाना पड़ रहा है। कुछ किसान जहां सिचाई की सुविधा का अभाव है वे धान की बेहन डालने के लिए प्री मानसून की वारिस का इंतजार कर रहे हैं। बहुत से किसान धान की बेहन डाल दिये हैं उसकी नर्सरी भी तैयार हो रही है परंतु उसे बचाए रखने के लिए सिंचाई सुविधाओं के अभाव के चलते उन्हें काफी परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है।
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