सैदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। यहां पर तैनात चिकित्सकों के मनमाने रवैये से निशुल्क होने वाली सीबीसी ( कंपलीट ब्लड काउंट) जांच की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल रही है। इसके पीछे जांच मशीन में केमिकल का न होना बताया जा रहा है।
यहां तक कि डेंगू की शुरूआती जांच एंटीजन ब्लड टेस्ट (एनएस-1) के लिए भी मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है। ऐसे ही दूरदराज के इलाकों से आने वाले मरीज भी बाहर से दवाइयों को खरीदने के लिए मजबूर हैं।
शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे अमर उजाला की टीम सैदपुर अस्पताल पहुंची। जहां मरीज अपनी जांच के लिए पैथोलॉजी के सामने कतार बद्ध नजर आए। इसमें ज्यादातर मरीजों को जांच के लिए बाहर का रास्ता दिखाया गया।
सीबीसी जांच के लिए एक वर्ष पूर्व मशीन आई थी। लेकिन तीन चार महीने बाद खराब हो गई। जिसकी सूचना जिला मुख्यालय को दे दी गई है। मशीन में पड़ने वाला केमिकल नहीं उपलब्ध हो पा रहा है।
- डा. संजीव कुमार सिंह, अधीक्षक, सीएचसी सैदपुर
बोले मरीज, बाहर से कराई जांच
पिछले पांच दिनों से बीमार हूं। चिकित्सक के निर्देश पर कुछ जांचे बाहर पैथालॉजी से करा लिया हूं। अब डेंगू की जांच के लिए अस्पताल के पैथोलॉजी के बाहर खड़ा हूं।
- बाबर अली, मरीज, सैदपुर नगर वार्ड नंबर 5
मैं अपनी बिटिया एंजिल को लेकर अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती हूं। सारी जांचे बाहर से करानी पड़ी हैं। यहां तक की डेंगू की जांच भी बाहर पैथोलॉजी से कराया हूं।
राधेश्याम मोदनवाल, तीमारदार, पूर्व मंडल अध्यक्ष सैदपुर
मैं बुखार से पीड़ित होकर अस्पताल में भर्ती हूं। डाक्टरों ने टाइफाइड व डेंगू की आशंका में चार जांचें लिखी हैं। जिनमें सभी जांचें हमें बाहर से करानी पड़ी हैं।
आलोक यादव, सभासद, सैदपुर, वार्ड नंबर आठ
मैं मां को लेकर कुछ दिनों से डेंगू वार्ड में हूं। डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। जिसकी साधारण जांच भी हमें अस्पताल से बाहर पैथोलॉजी से करानी पड़ी है।
सनाउल्लाह सिद्धिकी, भाजपा नेता