मनिहारी। काशी दास बाबा के पूजन का आयोजन शुक्रवार को क्षेत्र के चौकड़ी गांव स्थित शिव मंदिर प्रांगण में हुआ। पंथी सोनू यादव ने विधि-विधान के साथ काशी दास बाबा का पूजन संपन्न कराया। खौलते दूध से पंथी को स्नान करते देख लोग हतप्रभ रह गए। वहीं पंथी ने खौलते हुए दूध से स्नान करने के बाद खौलते घी को अपने हाथों से मां भगवती को अर्पित किया। काशी दास बाबा की पूजा में मौजूद श्रद्धालुओं की ओर से काशीदास, हर-हर महादेव, माता दुर्गा सहित कई देवी-देवताओं के जयकारों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। काशीदास बाबा की पूजा देखने के लिए आसपास के गांवों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। पूजा के दौरान मंडप के बाहर पंथी सोनू यादव ने कई दर्जन घड़े के जल से स्नान किया। इसके बाद लोहे के बालटे एवं बर्फ की सिल्ली पर दूध से भरे खप्पड़ को रखकर उसे खौला दिया। दूध से भरे खप्पड़ को खौलत हुए देखकर श्रद्धालुओं ने दांतों तले अंगुली दबा ली। वहीं युवा पंथी संगम यादव (बालक दास) ने खौलते घी से स्नान कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। पंथी सोनू यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए इस प्रकृति की पूजा की थी। काशीदास वैष्णव संत थे। वह योगेश्वर भगवान कृष्ण के उपासक थे। इन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का साकार रूप में दर्शन किया था। इसलिए पूजा में भक्तगण योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारा लगाते हैं। देखने में दूध गर्म दिखता है, लेकिन पूजा के प्रभाव से शरीर पर डालते ही ठंडा हो जाता है। इस मौके पर कमलेश यादव भानु, विजय प्रताप यादव, संजय यादव, राममूरत सिंह, प्रधान ओमकार यादव आदि मौजूद रहे।