सेवराई। प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यालयों के निजीकरण एवं ऑनलाइन व्यवस्था लागू किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को बार एसोसिएशन सेवराई एवं स्टांप यूनियन की संयुक्त बैठक हुई। अधिवक्ताओं, एवं स्टांप विक्रेताओं ने निबंधन कार्यालयों के निजीकरण का विरोध करते हुए इसे न्यायिक व्यवस्था एवं लाखों लोगों की आजीविका के लिए घातक बताया। कहा कि निजीकरण लागू होने से अधिवक्ताओं व स्टांप विक्रेताओं के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उपजिलाधिकारी संजय यादव को पत्रक सौंपते हुए जनपद एवं तहसील स्तर पर ई-लाइब्रेरी की स्थापना, सभी तहसील न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना लागू करने तथा नवोदित अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये मासिक भत्ता प्रदान करने की मांग उठाई। इस मौके पर अध्यक्ष पारस राम, महासचिव सुमंत सिंह कुशवाहा, अयाज अहमद खान, अमरनाथ राम, हैदर अली खान आदि मौजूद रहे।