डेढ़गांवा गांव स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा है। इस कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डाक्टर के न होने की वजह से लोग रेवतीपुर या जिला मुख्यालय जाने को विवश हैं। यहां पर तैनात चिकित्सक डा. जितेंद्र को विभाग की तरफ से जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में तैनात कर दिया गया। इस कारण यहां आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां तीन लोगों में फार्मासिस्ट अंजनी कुमार, नान मेडिकल असिस्टेंट एसपी सिंह और वार्ड ब्वाय अरविंद कुमार हैं। डेढ़गांवा स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करीब पांच दशक पहले लाखों की लागत से लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किया गया था। कागज पर तो यह दस बेड का स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन लोगों ने बताया कि यहां पर दवाएं भी नाममात्र ही उपलब्ध है। चिकित्सकीय परीक्षण के लिए लैब कागजों पर ही संचालित है। केंद्र पर एक चिकित्साधिकारी सहित कुल आठ पद सृजित हैं लेकिन तीन लोगों के अलावा यहां कोई नहीं आता है। इस संबंध में रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. मनीष कुमार ने बताया कि डेढ़गांवा के डाक्टर को पुलिस लाइन में महीनों से तैनात किया गया है। इस कारण समस्या आ रही है। जल्द ही किसी अन्य की तैनाती कर दी जाएगी।