स्वर्वेद सन्देश यात्रा के दौरान एक महाविद्यालय के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।
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सादात। स्वर्वेद के प्रवर्तक विज्ञानदेव महाराज ने कहा कि सत्य पर पूर्ण विश्वास ही श्रद्धा है। श्रद्धावान व्यक्ति ही ज्ञान की प्राप्ति कर शांति का अनुभव कर सकता है। अध्यात्म ही एकमात्र ऐसा साधन है जिससे सभी समस्याएं सुलझ जाती हैं। मंगलवार को एक डिग्री कॉलेज के परिसर में आयोजित जय स्वर्वेद कथा एवं ध्यान साधना सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि स्वर्वेद अध्यात्म का महाशास्त्र है। वह आध्यात्मिक ज्ञान का चेतन प्रकाश है जिसके आलोक में अविद्या, अंधकार, मिथ्या ज्ञान नष्ट होते हैं। यह हमारी आध्यात्मिक यात्रा को हमेशा जागृत रखता है। अशांति एवं वैमनस्य से पीड़ित विश्व में शांति एवं सौहार्द की स्थापना करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम स्वर्वेद है। जीवन में स्वर्वेद का आचरण अनंत ऊंचाइयों तक ले जाता है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं है। अच्छाइयां-बुराइयां सबके भीतर होती है। हमें दुर्बलताओं, कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। उन कठिनाइयों को दूर करने की जो प्रेरणा, जो शक्ति, जो सामर्थ्य है वह अध्यात्म में है। भारत की आत्मा का नाम ही अध्यात्म है। स्वर्वेद के दोहों की संगीतमय प्रस्तुति से सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। विज्ञानदेव महाराज की ओर से 29 जून को राष्ट्रव्यापी स्वर्वेद संदेश यात्रा का शुभारंभ कश्मीर से किया गया है। यह संकल्प यात्रा कश्मीर, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, देवरिया, बलिया के बाद गाजीपुर पहुंची है। अंत में कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।