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Ghazipur News: मात्र 106 डॉक्टरों पर गांवों की 41 लाख आबादी के इलाज का जिम्मा

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गाजीपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों की करीब 41 लाख आबादी के इलाज की जिम्मेदारी मात्र 106 चिकित्सकों के कंधों पर है। स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 212 चिकित्सकों के पद हैं, जिनमें पचास फीसदी पद लंबे समय से खाली हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण लोगों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। विभाग के अधिकारी रिक्त पदों पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजने का राग अलापते हैं। करीब एक लाख से ऊपर की आबादी पर ब्लाक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित कराया गया है, जिससे बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जा सके। जबकि ब्लाक स्तरीय पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हैं। वहीं करीब 15 से 20 हजार की आबादी पर न्यू पीएचसी और पांच हजार के अधिक की आबादी के लिए 410 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। ब्लाक स्तरीय सीएचसी, पीएचसी और गांव स्तरीय न्यू पीएचसी पर चिकित्सकों की तैनाती के लिए 212 स्वीकृत पद हैं, जबकि मात्र 106 चिकित्सक ही तैनात हैं। यहीं नहीं ब्लाक स्तरीय छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रथम संर्दभन इकाई के रूप में विकसित किया गया है। जहां से मरीजों को देखने के बाद अगर स्थिति गंभीर है तो उन्हें उपचार के लिए सीधे वाराणसी भेजा जा सकता है। इसमें शामिल सीएचसी पर डॉक्टरों के सात स्वीकृत पद में सैदपुर में छह, मुहम्मदाबाद में चार, कासिमाबाद में चार, जखनिया में चार, बरूईन में तीन और भदौरा में पांच चिकित्सकों की तैनाती है, जबकि अन्य सीएचसी करंडा, मनिहारी, सादात, रेवतीपुर, खानपुर, गोड़ऊर और बिरनो में कहीं एक तो कहीं दो चिकित्सक हैं, जबकि स्वीकृत पदों की संख्या सात है। इसमें भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी स्वास्थ्य सुविधाओं के राह में रोड़ा बना हुआ है।
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