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त्योहार पर बाजार की रौनक ले उड़ी ‘ऑनलाइन राखी’

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भाई-बहनों के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन में कुछ ही दिन बचे हैं। इस त्योहार को लेकर बाजार गुलजार हो गए हैं। दुकानों पर अलग-अलग डिजाइन की रंग-बिरंगी राखियां आ गई हैं। इसी तरह भाइयों द्वारा बहनों के लिए उपहार की खरीदारी की जा रही है। पर्व को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राखियों की दुकानें सज गई हैं। लेकिन पिछले सालों से अलग इस बार गांव-गांव आनलाइन कंपनियां राखी और गिफ्ट पहुंचा रहे हैं। बदले ट्रेंड का बाजार में खासा असर दिख रहा है। गांव की अपेक्षा शहर के कारोबारियों पर इसका ज्यादा असर दिख रहा है।
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अभी राखी में एक हफ्ता ही बचे हैं। ऐसे में राखियों का आनलाइन कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। भाइयों द्वारा आनलाइन गिफ्ट भेज दिया जा रहा तो बहनें भी मनपसंद राखी भेज दे रही हैं। ऐसे ही चॉकलेट हैंपर, सूट और साड़ी आनलाइन ही भेजा जा रहा है। वहीं, आनलाइन गिफ्ट बुकिंग के दौरान भाई बहन को रक्षाबंधन पर सरप्राइज भी दे रहे हैं। आनलाइन बाजार का कारोबार बढ़ने से सड़क किनारे या परंपरागत तौर पर दुकान लगाने वालों का कारोबार प्रभावित हुआ है। राखी के दुकानदारों ने बताया है कि पहले बाजार में एक महीने पहले से ही बाजार में भीड़ हो जाती थी लेकिन अब त्योहार मात्र कुछ दिन ही बचा है। इस बार बाजार में एकदम रौनक नहीं दिख रहा है। इधर, कोरियर के दुकानदारों ने बताया कि आनलाइन बाजार हो जाने की वजह से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि उनके अपने लोग इस काम में लगे हैं जो सीधे गांव-गांव पहुंच रहे हैं। पहले रक्षा बंधन त्योहार पर कोरियर के लिए दुकान पर प्रतिदिन 60 से 80 लोग आते थे, लेकिन अब दिनभर में 10 से 15 लोग ही आते है।
आनलाइन बाजार हो जाने कि वजह से हमलोगों को समय के साथ साथ पैसे कि बचत हो रही है। पहले बाजार करने में दिन भर का समय लग जाता था, लेकिन अब घर बैठे सबकुछ उपलब्ध हो जा रहा है।
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अंशु सिंह, महिला
आनलाइन बाजार की वजह से हमलोगों को काफी सहूलियत मिल रही है। हर तरह कि राखी घर बैठे ही उपलब्ध हो जा रही है और सीधे भाइयों के पास भेजने की सुविधा मिल जाने से काफी आसानी हो रही है।
गीता देवी
बाजार में हर तरह की राखी उपलब्ध है लेकिन आनलाइन बाजार हो जाने कि वजह से हमलोगों की दुकानदारी एकदम नहीं चल रही है। लोग घर बैठे ऑनलाइन खरीदारी कर ले रहे हैं। मार हमारे कारोबार पर पड़ रही है।
दुर्गेश कुमार शर्मा, दुकानदार
रक्षाबंधन में कुछ ही दिन बचे हैं। बाजार में एकदम रौनक नहीं है। पहले राखी भेजने के लिए दुकान पर समय नहीं मिलता था। आनलाइन बाजार हो जाने कि वजह से अब ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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बबलू कुरैशी, कोरियर
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