गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज से 100 बेड के महिला अस्पताल को संबंद्ध हुए चार वर्ष बीत गए, लेकिन अब तक जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी। स्थिति यह है कि मिश्रबाजार स्थित अस्पताल से पांच किमी दूर यूरिन जांच के लिए गोराबाजार पुरुष अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ी रही है। यहीं नहीं ब्लड जांच भी नहीं होती है, सिर्फ कलेक्शन किया जाता है और रिपोर्ट दो दिन बाद पुरुष अस्पताल से ही आती है। ऐसे में आपात स्थिति में महिला मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्र का सहारा लेना पड़ता है, जहां ब्लड व यूरिन जांच के लिए 500 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है।
स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए 100 बेड के महिला अस्पताल का भवन निर्माण तो हो गया, लेकिन चिकित्सकीय सुविधाएं अभी मुहैया नहीं कराई गईं हैं। यहां ब्लड जांच तक की सुविधा नहीं है। सिर्फ ब्लड कलेक्शन सेंटर बना है। जबकि गर्भवती महिलाओं को तीन माह, छह माह और नौ माह पर ब्लड की जांच करानी होती है। रोज शहर एवं ग्रामीण इलाकों से 250 से 275 महिलाएं अस्पताल पहुंचती हैं। 50 मरीजों की जांच लिखी जाती है। ऐसे में महिला अस्पताल में ही जांच की व्यवस्था न होने और एक ही दिन में रिपोर्ट न मिल पाने की स्थिति में मरीजों को निजी जांच केंद्रों से ब्लड जांच के नाम पर 300 रुपये तो यूरिन के लिए 200 रुपये का भु्गतान करना पड़ रहा है। मरीजों को हो रही परेशानी और आर्थिक दंश झेलने के बावजूद मेडिकल कालेज प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
जांच के लिए ब्लड कलेक्ट कर गोराबाजार पुरुष अस्पताल स्थित पैथोलॉजी में आता है। जहां जांच कर रिपोर्ट मरीजों को उपलब्ध कराई जाती है। एलटी की कमी के चलते परेशानी आ रही है। जल्द ही समस्या का निस्तारण हो जाएगा।- प्रो. आनंद मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कालेज