बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से क्षेत्र में जुलाई से सितंबर माह तक अभियान चलाकर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाएगा। साथ ही पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों की पहचान की जाएगी ताकि उन्हें स्वस्थ रखने का प्रयास किया जा सके।
सैदपुर ब्लाक क्षेत्र में 314 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार की तरफ से विशेष अभियान चलाकर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वस्थ रखने की सुविधाएं दी जाती है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन, उनकी लंबाई (ऊंचाई) लेते हुए गंभीर कुपोषित (सैम) एवं गंभीर अल्प वजन के बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है। साथ ही संभव पोषण संवर्द्धन अभियान का आयोजन हर आंगनबाड़ी केंद्रों पर किया जा रहा है। ब्लाक क्षेत्र में अब तक बच्चों की पहचान प्रक्रिया में 18 हजार 679 बच्चों की लंबाई एवं उनका वजन लिया जा चुका है। इसमें गंभीर कुपोषित (सैम) स्तर के 86 बच्चों को चिन्हित किया गया है। जबकि 336 बच्चे गंभीर अल्प वजन के शिकार पाए गए हैं। इन बच्चों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरफ से लगातार निगरानी भी की जा रही है। साथ ही मातृपोषण एवं स्तनपान प्रोत्साहन के लिए भी गतिविधियां आयोजित की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि बीते 26 मई के अलावा बीते 13 जुलाई को भी सैदपुर केंद्र पर पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया था। जबकि अगले अगस्त माह में पोषण उत्सव और सितंबर माह में पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। इसमें शिशु के जन्म से लेकर 1000 दिनों तक का थीम बनाकर उनमें होने वाली एनीमिया और दस्त के अलावा अन्य बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे।
सितंबर माह में होगा पोषण चौपाल का आयोजन
मौधा। विभागीय सूत्रों की मानें तो कुपोषित बच्चों को लेकर विभाग काफी गंभीर है। इसलिए सितंबर माह में पोषण चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत राज विभाग के साथ ही शिक्षक, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, समूह सखी और पंचायत विभाग के कर्मचारियों के साथ ही ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों के साथ परिचर्चा भी की जाएगी।
सैदपुर ब्लाक क्षेत्र में बीते 25 से 30 जून के बीच पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन एवं उनकी लंबाई ली गई है। इस दौरान 86 गंभीर कुपोषित और 336 गंभीर अल्प वजन को मिलाकर कुल 422 बच्चों को चिन्हित किया गया है। इसमें बालकों की संख्या 219 और बालिकाओं की संख्या 203 है। ऐसे में उनकी जरूरी देखभाल के अलावा सभी धात्री महिलाओं को भी जागरूक किया जा रहा है- सोनम सिंह, बाल विकास परियोजना अधिकारी, सैदपुर