माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की मनमानी अब नहीं चलेगी। उन्हें विद्यालय अवधि में बाहर आने-जाने के लिए प्रधानाचार्य से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कोई भी शिक्षक और कर्मचारी बिना अनुमति लिए किसी भी विभागीय कार्य से जिला मुख्यालय पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलने नहीं जा सकता है। जो शिक्षक विद्यालय में उपस्थित हो जाएगा, वह बिना प्रधानाचार्य की अनुमति के विद्यालय समय से पूर्व नहीं छोड़ सकेगा।
माध्यमिक के शिक्षा निदेशक डाॅ. महेंद्र देव का यह निर्देश पत्र सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा गया है। निर्देश में यह कहा गया है कि जिला एवं मंडल स्तर पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों का कोई सेवा से संबंधित प्रकरण हो तो उसका निस्तारण अधिकारी एक सप्ताह में कराना सुनिश्चित करें। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि निदेशक के पत्र में यह भी कहा गया है कि माध्यमिक के विद्यालयों में गुणात्मक सुधार लाने के लिए ये तीनों अधिकारी सप्ताह में विद्यालयों का निरीक्षण कर इसकी आख्या निदेशक कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। विद्यालय स्तर पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विद्यालय अवधि में आने-जाने के लिए गमनागमन पंजिका तैयार कराई जाएगी। इस पंजिका में विद्यालय अवधि में आने-जाने पर प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी से कारण एवं आने-जाने के समय को अंकित कराकर हस्ताक्षर कराया जाएगा। कार्यालय स्तर पर आगंतुक पंजिका बनाई जाएगी, जिसमें आने वाले शिक्षक एवं कर्मचारी के आने का उद्देश्य एवं कारण को भी अंकित किया जाएगा। प्रदेश के राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के जिला एवं मंडल के कार्यालयों में आने के उद्देश्य तथा कारण को सुनने या उनके निराकरण करने के लिए विद्यालय अवधि के बाद की अवधि निर्धारित करें। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं मंडलीय उप शिक्षा निदेशक की ओर से अपने पर्यवेक्षण के दौरान विद्यालयों के गमनागमन पंजिका एवं अधीनस्थ कार्यालयों के निरीक्षण के समय आगंतुक पंजिका का भी अवलोकन करते हुए प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की जाएगी। सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए बिना अगर कोई शिक्षक या शिक्षणेत्तर कर्मचारी मुख्यालय या विभाग के किसी उच्च अधिकारी एवं कार्यालय के समक्ष उपस्थित होता है तो उसकी पुष्टि होने पर उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।