गाजीपुर। स्कूल से मुंह मोड़ने वाले छह से 14 आयु वर्ग के आउट ऑफ स्कूल और ड्रॉप आउट बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ा जाएगा। इसके तहत अगर किसी विद्यालय में पांच से कम बच्चे हैं तो नोडल शिक्षक ही उन्हें पढ़ाएंगे। अगर संख्या पांच से अधिक होती है, तो स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से विशेष प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। विशेष प्रशिक्षक सेवानिवृत्त शिक्षक या इच्छुक वालंटियर हो सकते हैं। उन्हें 4000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। यह नियुक्ति अगले वर्ष 31 मार्च तक अस्थायी रहेगी। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित राय ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल वे बच्चे होते हैं जो स्कूल जाने की उम्र के हैं लेकिन किसी स्कूल में नामांकित नहीं हैं या स्कूल छोड़ चुके हैं। सरकार ने ऐसे बच्चों को आउट ऑफ स्कूल बच्चों के रूप में परिभाषित किया है। जिले में 940 आउट ऑफ स्कूल बच्चे चिह्नित किए गए हैं। एक से पांच आउट ऑफ स्कूल होने पर संबंधित विद्यालय के नोडल अध्यापक को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जबकि पांच से अधिक बच्चे होने पर विशेष प्रशिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अध्यापक की सेवाएं ली जाएंगी। पांच से ज्यादा बच्चों के लिए 36 विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता ने बताया कि बच्चों का विशेष प्रशिक्षण अगस्त महीने से शुरु होकर 31 मार्च तक चलेगा। विशेष प्रशिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अध्यापक के चयन को वरीयता दी जाएगी। ऐसे शिक्षक के रुचि नहीं लेने पर वॉलंटियर का चयन होगा। विद्यालय प्रबंध समिति की चार सदस्यीय उप समिति चयन करेंगी।