जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पका-पकाया भोजन परोसने के लिए नए रसोइयों की तैनाती को हरी झंडी मिल गई है। अब बच्चों की संख्या बढ़ने पर स्कूलों में रसोइयों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। चयन में प्राथमिकता स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को मिलेगी। अभिभावक नहीं मिलने पर प्रधानाध्यापक किसी भी महिला और पुरुष का रसोइया के रूप में चयन कर सकते हैं।
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय और सहायता प्राप्त 262 विद्यालय सहित कुल 2531 विद्यालय हैं। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को दोपहर का भोजन परोसने के लिए रसोइयों का चयन नए सिरे से होगा।
रसोइयों के चयन में स्कूल पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर कोई अभिभावक खाना बनाने को तैयार नहीं होगा, तो हेडमास्टर किसी भी व्यक्ति का चयन कर सकेगा। कोरोना काल में दो वर्ष से रसोइयों के चयन पर रोक लगी हुई थी। इस वर्ष नए रसोइयों के चयन के लिए हरी झंडी दे दी गई है। शासन ने रसोइयों का चयन ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समिति से कराने को कहा है।
विभाग ने चयन करने के लिए कोई तिथि निश्चित नहीं की है, बल्कि हेडमास्टरों से गांव में मुनादी कराकर चयन करने को कहा है। सितंबर माह में ही इनका चयन हो जाना है। बच्चों की संख्या को रसोइयों की तैनाती का आधार बनाया गया है। इसमें 25 छात्रों पर एक रसोइया, 26 से 100 पर दो, 101 से 200 पर तीन, 201 से 300 पर चार, 301 से 1000 पर पांच, 1001 से 1500 पर छह एवं 1501 से अधिक छात्र संख्या होने पर अधिकतम सात रसोइया रखे जा सकते हैं।
रसोइयों का मानदेय दो हजार रुपये होगा
जिले के 2531 विद्यालयों में वर्तमान में 7044 रसोइया कार्यरत हैं। इनमें पहले से तैनात और नए तैनात होने वाले रसोइयों को अब दो हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। अभी तक रसोइयों को 1500-1500 रुपये मानदेय मिलता था। शासन ने बढ़े मानदेय का अप्रैल माह से भुगतान करने के लिए बजट जारी कर दिया है। दो हजार रुपये रसोइयों का मानदेय होगा।
जिन स्कूलों में बच्चों को एमडीएम मिलता है, उनमें रसोइया का चयन करने के लिए शिक्षकों से कहा गया है। बच्चों की संख्या के आधार पर खाली पदों पर रसोइया का चयन किया जा सकेगा। - अमित कुमार वर्मा, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन