जिले के किसी भी क्रय केंद्र पर पहले दिन मंगलवार को धान की खरीद नहीं हुई। इसके शुरू होने में कुछ और दिन लगने की उम्मीद जताई गई है। विभिन्न संस्थाओं के 106 केंद्रों से धान की खरीद की जाएगी। अब तक साढ़े आठ हजार से ज्यादा किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया गया है।
बीते वर्ष जिले को दो लाख दस हजार एमटी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। उसकी तुलना में इस बार लक्ष्य में इजाफा हुआ है। इस बार दो लाख पंद्रह हजार मीट्रिक टन की खरीद होगी। इस बार सामान्य धान 2040 और ग्रेड-ए का समर्थन मूल्य 2060 निर्धारित किया गया है। पूर्व में अनुमोदित 56 क्रय केंद्र क्रियाशील हो गए हैं। जबकि नए चयनित 50 केंद्र भी जल्द क्रियाशील हो जाएंगे।
विभिन्न संस्थाओं के 106 केंद्रों में विपणन के 31, पीसीएफ 14, पीसीयू 44, यूपीएसएस 16 तथा एफसीआई का एक केंद्र शामिल हैं। 15 सौ गांठ बोरे भी जिले को उपलब्ध हो गए हैं। खरीद के लिए पहली नवंबर से 28 फरवरी तक की अवधि निर्धारित है। लेकिन पहले दिन जिले के किसी भी क्रय केंद्र की बोहनी नहीं हुई।
सुहवल संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में स्थापित एकमात्र क्रय केंद्र पर पहले दिन धान की खरीद नहीं हुई। सुहवल स्थित राजकीय विपणन शाखा के केंद्र को पंद्रह हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए करीब दस हजार बोरे, कांटा, पंखा, नमी मापक यंत्र आदि उपलब्ध करा दिया है। अब तक करीब दो सौ से ज्यादा किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। विपणन विभाग के सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि पहले दिन केंद्र पर खरीद नहीं हुई। धान की कटाई पूरी तरह से शुरू नहीं हुई है। साथ ही खेतों में अभी नमी ज्यादा है। एक सप्ताह बाद खरीद शुरू होने की संभावना है।
जिले के 8589 किसानों ने कराया पंजीकरण
धान की बिक्री के लिए किसानों की तरफ से पंजीकरण कराया जा रहा है। अब तक जिले की सात तहसील के 8589 किसानों की ओर से पंजीकरण कराया गया है। इसमें जखनिया के 923, सैदपुर 676, सदर 1037, मुहम्मदाबाद 1665, जमानिया 1622, कासिमाबाद 1072 तथा सेवराई के 1594 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
आवक न होने से अभी धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। धान की बिक्री के लिए किसान जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं जिससे उनका जल्द सत्यापन कराया जा सके ।
- रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी