संस्थागत प्रसव पर भी आफत, आंकड़ों को पूरा करने की जद्दोजहद
कासिमाबाद, भदौरा, जखनिया, बरूईन की प्रसव की संख्या शून्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले में कहने को अपग्रेडेड सीएचसी की संख्या सात है। लेकिन दो-तीन को छोड़कर अन्य केंद्रों पर सिजेरियन प्रसव का आंकड़ा शून्य है। स्थिति यह है कि कासिमाबाद, भदौरा और बरूईन में चार माह में खाता भी नहीं खुला है। जबकि जखनिया में माह की रिपोर्ट शून्य है। यहीं नहीं 24 घंटे और सातों दिन संचालित होने वाले सुभाखरपुर सीएचसी में संस्थागत प्रसव के नाम पर चार माह में 43 का ही आंकड़ा पहुंच सका है, जो एक माह के प्रसव से भी कम हैं।
ऐसे में सहजता से अनुमान लगाया जा सकता है कि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ- साथ एडिशनल पीएचसी की क्या हालत होगी और प्रदेश में संस्थागत प्रसव और सिजेरियन प्रसव के आंकड़ों में जनपद किस पायदान पर खड़ा होगा।
शहर एवं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने के लिए जिला महिला अस्पताल, मुहम्मदाबाद, सैदपुर, जखनिया, कासिमाबाद, भदौरा और बरूईन को प्रथम संदर्भन इकाई के रूप में चयनित कर अपग्रेड किया गया। इन जगहों पर संस्थागत प्रसव के साथ ही सिजेरियन आपरेशन की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई।
बावजूद एक अप्रैल से अब तक आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो मुहम्मदाबाद और सैदपुर में सिजेरियन प्रसव की संख्या 20-20 ही है। जबकि जखनिया में मात्र चार है। जबकि अगर दिशा-निर्देशों की बात करें तो एक माह में कम से कम पांच सिजेरियन प्रसव निश्चित होना चाहिए।
वहीं कासिमाबाद, भदौरा और बरूईन में यह आंकड़ा शून्य है। यहीं नहीं जिले के 16 ब्लाकों पर स्थापित सामुदायिक केंद्रों के 24 घंटे सातों दिनों तक संचालित होने का दावा तो किया जाता है, लेकिन अगर सिर्फ सुभाखरपुर सीएचसी पर संस्थागत प्रसव के आंकड़ों को देखा जाए तो एक माह में लक्ष्य से भी कम है।
यहीं स्थिति अन्य सीएचसी, पीएचसी और एडिशनल पीएचसी का भी है। ऐसे में सहजता से अनुमान लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन आंकड़ाें को लेकर कितने सजग हैं।
वर्जन
भदौरा, कासिमाबाद, जमानिया में सर्जन और बेहोशी के चिकित्सक नहीं है। अपग्रेडेड प्रथम संदर्भन ईकाई एक माह में सैदपुर में आठ, मुहम्मदाबाद पांच और जखनिया में एक सिजेरियन प्रसव हुआ है। माह में कम से कम पांच प्रसव का लक्ष्य है। लक्ष्य के अनुरूप संस्थागत और सिजेरियन प्रसव के लिए निर्देश दिया गया है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। - डा. देश दीपक पाल, सीएमओ, गाजीपुर