गाजीपुर। महानगरों में रहने वाले लोगों को दीपावली के पर्व पर घर आने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से दिल्ली-मुबई के लिए संचालित होने वाली ट्रेनों के आरक्षित कोचों में नो रूम की स्थिति बन गई है। बेरोजगारी के कारण जनपद के युवा बड़ी संख्या में महानगरों व गैर प्रदेशों में कार्य करते हैं। ज्यादातर लोग निजी कंपनियों में कार्य करते हैं। महानगरों व गैर प्रदेशों में रहने वाले लोग दीपावली जैसे प्रमुख पर्व पर घर लौटते हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी दीपावली पर परदेशियों को घर लौटने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। 0496 फेस्टिवल स्पेशल के स्लीपर, फर्स्ट एसी व सेकेंड एसी में नो रूम है। थर्ड एसी में 212 वेटिंग है। 04008 जेडीएन फेस्टिवल स्पेशल के स्लीपर, फर्स्ट एसी व सेकेंड एसी में बुकिंग बंद है। थर्ड एसी में 131 वेटिंग है। 04090 एनवीटी पीएनबी स्पेशल के केवल स्लीपर कोच में 219 वेटिंग है। जबकि अन्य आरक्षित कोचों में नो रूम की स्थिति है। 22420 सुहेलदेव एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में 24 वेटिंग व अन्य आरक्षित कोचों में नो रूम की स्थिति है। 11070 कामायनी के थर्ड एसी में 157 वेटिंग है। अन्य आरक्षित कोचों में कंफर्म सीट उपलब्ध नहीं है। 22428 भृगु सुपरफास्ट के स्लीपर में 134 वेटिंग है। फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड एसी में नो रूम है। 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के किसी आरक्षित कोच में सीट उपलब्ध नहीं है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि त्योहार में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। संवाद