जिला अस्पताल के ऊपरी तल पर स्थापित डायलिसिस यूनिट का अब निर्बाध संचालन होगा। एक सप्ताह के अंदर अलग से जनरेटर से आपूर्ति शुरू हो जाएगी। ऐसे में किडनी संबंधित मरीजों को बिजली कटने पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यहीं नहीं दूर दराज से आए मरीजों को मायूस होकर वापस नहीं लौटना पड़ेगा।
राजकीय मेडिकल कालेज से संबंद्ध जिला अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने का क्रम जारी है। एक तरफ जहां वहां अत्याधुनिक जांच मशीनों को स्थापित कराया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए कालेज के प्रधानाचार्य द्वारा दिन-रात मॉनीटरिंग करने के साथ नजर भी रखी जा रही है। ऐसे में अस्पताल में स्थापित डायलिसिस यूनिट में बिजली की समस्या संचालन के दिन से बनी हुई थी। निजी संस्था द्वारा डायलिसिस यूनिट तो स्थापित करा दिया गया था, लेकिन बिजली आपूर्ति को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। ऐसे में जिला अस्पताल प्रशासन ने कुछ समय तक बिजली आपूर्ति देने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब एक सप्ताह पूर्व बिजली कट जाने के बाद आपूर्ति बाधित हो गई थी और करीब सात से आठ मरीजों को बिना डायलिसिस के ही वापस लौटना पड़ा था। यह क्रम कुछ दिन तक जारी होने से मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। दूर- दराज से आए मरीजों को दिन भर इंतजार के बाद वापस लौटना पड़ रहा था। राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन ने बिजली आपूर्ति की व्यवस्था कराने के साथ ही यूनिट प्रभारी से जनरेटर की व्यवस्था जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया गया था। इस क्रम में निजी संस्था द्वारा जनरेटर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर जनरेटर से बिजली आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।