गाजीपुर। नगर पंचायत बहादुरगंज के वर्तमान अध्यक्ष रेयाज अंसारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। फर्जी डिग्री के जरिये शिक्षक की नौकरी हासिल करने के मामले में उसकी पत्नी व पूर्व अध्यक्ष निकहत परवीन की गई गिरफ्तारी के बाद से पुलिस रेयाज अंसारी की तलाश कर रही है। इसके लिए पूर्वांचल के कई जिलों में भी दबिश दी जा रही है। इसी बीच भाजपा नेता फैजान खान ने वर्तमान चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रमुख सचिव गृह तक से शिकायत की है। आरोप है कि रेयाज अंसारी ने 50 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित की है।
पूर्व अध्यक्ष निकहत परवीन को पुलिस ने बीते 28 अक्तूबर को फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन प्रबंधक नजीर अहमद के साथ तत्कालीन अध्यक्ष परवेज जमाल और तत्कालीन प्रधानाचार्य जियाउल इस्लाम को पुलिस ने आरोपी बनाया। साथ ही इस मामले में बहादुरगंज नगर पंचायत के अध्यक्ष रेयाज अंसारी को पुलिस गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
इसके लिए पुलिस जनपद के अलावा गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मऊ समेत पूर्वांचल के उन जिलों में भी जा रही है, जहां रेयाज के मौजूद रहने की खबर मिल रही है, लेकिन उनके हाथ नहीं लग सका है। देर शाम पुलिस रेयाज अंसारी की सफारी गाड़ी को बरामद करने के साथ चालक को गिरफ्तार कर ली थी। उधर, बहादुरगंज निवासी शिकायतकर्ता व भाजपा नेता फैजान खां ने जिलाधिकारी से लेकर प्रमुख सचिव गृह तक शिकायत करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष रेयाज अहमद की संपत्ति की जांच की मांग की है। पत्र के मुताबिक आरोप है कि
वर्तमनान नगर पंचायत चेयरमैन रेयाज अहमद अंसारी ने चेयरमैन पद की आड़ में 50 करोड़ की सम्पत्ति बेनामी रूप से अर्जित किया है। पूर्व में तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी का प्रतिनिधि के तौर पर जनपद मऊ में भी कार्य करते थे। यही नहीं, आरोप लगाया है कि मुख्तार अंसारी के काले साम्राज्य का सबसे बड़ा राजदार व ब्लैक मनी को व्हाइट मनी का खेल रेयाज अंसारी द्वारा किया जाता रहा है।
रेयाज अंसारी के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं। लेकिन, अपनी मजबूत पकड़ व राजनीतिक रसूख के चलते पैसों के बल पर अभी तक यह बचता चला आ रहा है। इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह कहते हैं कि गिरफ्तारी के लिए दबिश दे जा रही है। साथ ही मामले की जांच चल रही है।