देवकली पंप कैनाल लूटकांड : गवाह हो होनी थी प्रति परीक्षा
गाजीपुर। बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड के मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी के न्यायालय में गवाह अफरोज के प्रति परीक्षा की तिथि नियत थी। अधिवक्ताओं के हड़ताल के कारण न्यायालय ने 29 सितंबर की तारीख नियत की है।
मालूम हो कि तीन दिसंबर 1990 की सुबह 7.30 बजे सरफराज अंसारी सैदपुर थाना इलाके में नहर में निर्माण कार्य करा रहा था। तब-तक एक नीली मारुति कार से आरोपी त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह और बृजेश सिंह के अलावा दो अज्ञात व्यक्ति राइफल से लैस होकर आए और उसे मारने पीटने लगे। सरफराज के बैग से रुपये छीन लिये और मजदूरों को भगा दिया। साइट पर खड़े ट्रक के टायर फाड़ दिए और उसके सहयोगी को भी मारपीट कर भगा दिया। वादी की सूचना पर थाना सैदपुर में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। उसी मुकदमे में अफरोज खां उर्फ मुन्नू पहलवान की गवाही हुई थी और जिरह होनी थी।
उसरी चट्टी हत्याकांड : गवाह से जिरह अब अगली तारीख पर
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम /एमपी एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मुहम्मदाबाद कोतवाली के उसरी चट्टी हत्याकांड में गवाह रमेश राम की जिरह के लिए 29 सितंबर की तिथि नियत की गई है। अधिवक्ताओं के कार्य विरत रहने के कारण न्यायालय ने उपरोक्त तिथि नियत की है।
15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दोपहर 12 .30 बजे दिन में उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से फायरिंग किया, जिसमें मुख्तार अंसारी के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी और वहीं रुस्तम उर्फ बाबू जो घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। वहीं हमलावरों में से एक की मौत हो गई थी। मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले पुलिस कर्मियों को भी चोट आई थीं। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया, जिसमें से दो आरोपियों की विचारण के दौरान मौत हो गई है।