रेवतीपुर। सोनवल से घाट जाने वाली 200 करोड़ की लागत वाली सात किमी लंबी नई रेल लाइन पर ट्रेन संचालन से पहले नान इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। एनईआर गोरखपुर के सीईजी (मुख्य इंजीनियर सामान्य) अशोक कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। रेलवे के ओर से गठित टीम ने घाट स्टेशन की ओर से नए रेल रूट का निरीक्षण मोटो ट्राली से शुरू किया, जिससे जगह- जगह प्वाइंटों के निरीक्षण के दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
मालूम हो कि इस नए रेल रूट पर ट्रेनों के संचालन की कोशिश अब अंतिम दौर में है। ट्रैक बिछाने एवं अन्य कार्य पूरा करने के बाद महकमे की ओर से घाट स्थित यार्ड से नए रेल रूट का अंतिम निरीक्षण शुरू कर दिया। यह काम पांच मार्च तक पूरा कर लिया जाना है।
महकमे के अनुसार इस नए रूट का फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में लोड टेस्टिंग व डीजल एवं इलेक्ट्रिक रन ट्रायल प्रस्तावित है, इसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त छह मार्च को इस नए लाइन का खुद भौतिक सत्यापन (निरीक्षण) करेंगे। इसके बाद सबकुछ ठीक पाए जाने पर वह इस रूट पर ट्रेन संचालन की हरी झंडी देंगे। एनईआर गोरखपुर के सीईजी अशोक कुमार ने बताया कि यह काम तीन चरणों में किया जाना है, जिसका यह अंतिम व फाइनल चरण है। इसके लिए हर रोज करीब साढ़े चार घंटे का ब्लाॅक होगा। बताया कि इसके पूरा होने के बाद छह मार्च को रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के बाद इस रूट पर ट्रेन संचालन की हरी झंडी मिल सकती है। इस अवसर पर आरवीएनएल के सीपीएम विकास चंद्रा, सीनियर डीईएन टू सत्यम कुमार, पीडी जीवेश ठाकुर, एजीएम आशुतोष शुक्ला आदि मौजूद रहे।