मुहम्मदाबाद। गाजीपुर-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के मरम्मत कार्य में मानक की अनदेखी और काफी धीमी गति से होने और सुरतापुर-नवापुरा के पास सड़क खरोच कर छोड़ देने से लोगों को आने-जाने में काफी असुविधा हो रही है। गाजीपुर से हाजीपुर तक करीब 130 किलोमीटर लंबे हाईवे निर्माण में लापरवाही उजागर हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजस्थान के जयपुर की एक कंपनी को नोटिस जारी करके पूछा है कि मरम्मत कार्य शुरु होने के सात महीने बीत जाने बावजूद इसके निर्माण में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। मुहम्मदाबाद क्षेत्र में शाहनिंदा, अहिरौली और सुरतापुर तक सड़क पर गिट्टी डाली गई लेकिन वह बनने के साथ ही उखड़नी शुरु हो गई। सड़क में जगह-जगह गड्ढे बन गए। शिकायत पर शाहनिंदा के पास सड़क को उखाड़ कर फिर से उसे बनाया गया। इसके अलावा अहिरौली के पास सड़क की मरम्मत की गई। बलिया जिले में भी मात्र 15 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है। कंपनी ने भुगतान की फाइल विभाग में लगा दी। एनएचएआई द्वारा कंपनी के पेमेंट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रोजेक्ट का ई-टेंडर कंपनी को जून 2020 में आवंटित किया गया था। 102 करोड़ की यह परियोजना जून 2021 में पूरी कर देनी है। सात महीना के बाद भी सड़क पर संतोषजनक काम नहीं हुआ है तो अब एनएचआई ने मामले में शिकंजा कस दिया है। तब गाजीपुर की तरफ से भी सड़क पर काम शुरु हुआ है और खालिसपुर तक पहुंचा है। हाईवे पर इस समय चार हजार भारी वाहन प्रतिदिन रेंग रहे हैं। जनता परेशान हो चुकी है। एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब संबंधित कंपनी के पास पांच माह का समय बचा है। वह जब तक गाजीपुर से मांझी घाट तक दोनों तरफ कार्य तेजी से नहीं करती तब तक कोई पेमेंट नहीं होगा।