करीब 14 करोड़ में तैयार होगा भवन, कॉलेज प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव
पूर्व में बने हॉस्टल के दसवें फ्लोर का निर्माण अंतिम दौर में, जून तक होगा पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल काॅलेज में एक और नए हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। करीब 14 करोड़ से बनने वाले भवन के लिए कालेज प्रशासन की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा दिया गया है। जबकि पूर्व में बने हाॅस्टल के दसवें फ्लोर का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है, जो जून तक पूर्ण हो जाएगा। इसको लेकर कार्यदायी संस्था की ओर से पूरी ताकत झोंक दी गई है।
शहर स्थापित मेडिकल काॅलेज के संचालित होने से एक तरफ जहां लगातार चिकित्सकीय सुविधाएं बेहतर और सुदृढ़ होती जा रही है। वहीं जनपद ही नहीं आस-पास के सटे गैर जनपदों से आने वाले मरीजों को भी बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं अब मिलने लगी हैं। यहीं नहीं मेडिकल कालेज में एमबीबीए छात्रों की पौध भी तैयार हो रही है, जिससे लंबे समय से चिकित्सकों की चल रही कमी भी अब दूर होने की उम्मीद जग गई है।
काॅलेज में अब धीरे-धीरे छात्र-छात्राओं की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में इनके रहने के लिए मानक के अनुरूप हाॅस्टल का निर्माण भी कराया जा रहा है। पूर्व में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल का निर्माण कराया गया था। इसमें छात्रों के रहने के लिए बने हास्टल के दसवें फ्लोर का निर्माण कार्य शेष था, जो अब अपने अंतिम दौर में चल रहा है, जो जून तक पूर्ण हो जाएगा।
इसके अलावा एक और नए हॉस्टल के निर्माण के लिए प्रस्ताव कुछ दिन पूर्व शासन को भेजा गया है। इस प्रस्ताव के स्वीकृत होते ही कालेज परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए नया हाॅस्टल का निर्माण शुरू हो जाएगा, जिससे प्रवेश लेने वाले नए छात्र-छात्राओं को रहने के लिए किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस संबंध में महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि एक और नए हॉस्टल निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है जल्द भवन निर्माण की स्वीकृति मिलेगी।
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वर्तमान समय में पढ़ाई कर रहे 200 एमबीबीएस के छात्र
गाजीपुर। वर्तमान समय महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कालेज में 200 छात्र-छात्राएं एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। इनके रहने के लिए अलग- अलग हाॅस्टल बनाया गया है। करीब 300 छात्र-छात्राएं हॉस्टल में रहकर सकते हैं। नए हॉस्टल में भी 300 छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी।