दो दिनों की बंदी में सफाई को लेकर नगरपालिका लापरवाही बरत रहा है। जगह-जगह कूड़े कचरे का ढेर लगा है। ऐसे में संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अधिकारी सफाई का दावा तो कर रहे लेकिन कुछ भी धरातल पर नहीं दिख रहा है। शनिवार एवं रविवार की बंदी के दौरान साफ-सफाई, दवा छिड़काव एवं सेनिटाईजेशन सब नदारद है। कोरोना की दूसरी लहर ने जिले को जबरदस्त चपेट में लिया था। सैकड़ों लोगों के संक्रमित होने के साथ-साथ मौत के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई थी। इसे दूर करने में प्रशासन को पसीने छूट गए। बहरहाल, किसी तरह दूसरी लहर का प्रकोप अब अधिकांशत: काबू में आ गया है। संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन की ओर से कोरोना कर्फ्यू लगाया गया और सप्ताह के दो दिन शनिवार एवं रविवार को बंदी के दिन विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। उस दौरान तो नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में साफ-सफाई के साथ-साथ सेनिटाइजेशन को लेकर अभियान चलाया गया। संक्रमण कम हुआ तो कर्फ्यू भी हट गया, लेकिन दो दिन की बंदी में साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन का कार्य करीब-करीब बंद हो गया। नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में कूड़े का ढेर लगा ही हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो और भी खराब है। ऐसे में संक्रामक बीमारियों और कोरोना के संक्रमण के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।