गाजीपुर। गेहूं की खरीद शुरु हुए ढाई महीने से अधिक का समय बीत गया है लेकिन दो एजेंसियां ऐसी हैं जो अब तक फीसदी भी खरीद नहीं कर सकी हैं। कमोवेश इसी तरह की स्थिति अन्य की भी है। किसी ने दो तो कोई अब तक ढाई-तीन प्रतिशत ही गेहूं की खरीद कर सका है। ऐसे में निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा कर पाना मुमकिन नहीं दिखाई दे रहा है।
शासन की ओर से जिले को इस बार एक लाख 10600 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 92 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 20, एपीओ-एफपीसी एक, पीसीएफ 14, यूपीपीसीयू 24, यूपीएसएस आठ, नेफेड चार, एनसीसीएफ 10, मंडी समिति चार एवं भारतीय खाद्य निगम के सात केंद्र हैं। खरीद शुरु हुए ढाई महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन अब तक विभिन्न संस्थाओं की तरफ से 18 मई तक सवा छह प्रतिशत से भी कम यानी 6779.801 एमटी ही गेहूं की खरीद हुई है। हैरानी की बात तो यह है कि दो एजेंसियों के 14 केंद्र हैं लेकिन ये अब तक एक फीसदी भी खरीद नहीं कर पाई हैं। नेफेड के चार केंद्रों से छह हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 0.48 प्रतिशत यानी 28.950 तथा एनसीसीएफ के 10 केंद्रों पर 15500 एमटी लक्ष्य की तुलना में 147.450 एमटी यानी 0.95 फीसदी खरीद हुई है। ऐसा नहीं है कि खरीद की यह खराब स्थिति इन दो एजेंसियों की है कमोवेश कुछ अन्य की भी हालत पतली है।
अन्य केंद्रों की भी स्थिति ठीक नहीं
खाद्य विभाग के 20 केंद्रों के लिए निर्धारित लक्ष्य 30000 के सापेक्ष अब तक 12 प्रतिशत यानी 3599.895 एमटी की खरीद हुई है। इसी प्रकार एपीओ-एफपीसी के एक केंद्र के लिए निर्धारित लक्ष्य एक हजार के सापेक्ष 2.50 प्रतिशत यानी 25.000 एमटी, पीसीएफ के 14 केंद्रों के लिए निर्धारित 16100 की तुलना में 3.43 प्रतिशत यानी 552.956, यूपीपीसीयू के 24 केंद्रों के लक्ष्य 27500 के सापेक्ष 3.11 फीसदी यानी 854.450, यूपीएसएस के आठ केंद्रों के लिए निर्धारित 5000 की तुलना में 3.17 प्रतिशत यानी 158.350, मंडी समिति के चार केंद्रों के लक्ष्य 6000 के सापेक्ष 10.49 फीसदी यानी 629.650 तथा भारतीय खाद्य निगम के सात केंद्रों पर 3500 एमटी के सापेक्ष 783.100 मीट्रिक टन की खरीद हुई जो 22.37 प्रतिशत है।
गेहूं खरीद की बीते दिनों हुई बैठक में समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कम खरीद करने वाली एजेंसियों के प्रति नाराजगी जताई थी। संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए खरीद में तेजी लाने का निर्देश दिया था।- अनुराग पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी