अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपीएमएलए रामसुध सिंह की अदालत में 1996 के गैंगेस्टर के मुकदमे में मुख्तार अंसारी व भीम सिंह अपने पक्ष में सफाई देने के आखिरी मौके पर अदालत में पेश नहीं हुए। मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश होना था। इस मामले में बहस के लिए 14 नवंबर की तिथि नियत की गई है।
मालूम हो कि 3 अगस्त 1991 को दिन में करीब एक बजे अजय राय अपने भाई अवधेश राय के साथ अपने वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़े थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई जिसमें मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। गाड़ी से उतरकर उन लोगों ने ताबड़तोड़ फायर किया गया। अवधेश राय पर भी फायर किया गया। सभी के हाथ में असलहे थे।
इसके बाद उन लोगों ने मारुति वैन से भागने का प्रयास किया। जवाब में अजय राय ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया ।इसके बाद सभी लोग गाड़ी छोड़ कर भाग गये। इस वारदात में अवधेश राय की मौत हो गई। इन मामलों को लेकर मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इस मामले का विचारण अदालत में चल रहा है।