जनपद न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते उच्च न्यायालय प्र
- फोटो : सेमरपहा ग्राम पंचायत के कैथन का पुरवा गांव में बंद शवदाह स्थल।
गाजीपुर। जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को उच्च न्यायालय प्रयागराज के प्रशासनिक न्यायमूर्ति राममनोहर नारायण मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव विजय कुमार ने बताया कि एक लाख 33 हजार 502 मामले निस्तारण के लिए नियत किए गए थे। इसमें एक लाख 22 हजार 952 वाद निस्तारित किए गए।उन्होंने बताया कि विभिन्न न्यायालयों में आए राजस्व के 14 हजार 122 मामले, बैंक एवं अन्य विभाग के एक लाख 8 हजार 830 मामले निस्तारित हुए। परिवार न्यायालय की ओर से कुल 13 विवाहित जोड़ों की सुलह कराकर विदाई कराई गई।इससे पूर्व प्रशासनिक न्यायमूर्ति राममनोहर नारायण मिश्रा ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत से जहां एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने लोक अदालत की सफलता के लिए सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी और अपर जिला जज कोर्ट संख्या-एक न्यायाधीश शक्ति सिंह ने लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि ऐसे छोटे प्रकरण जिसमें अनावश्यक रुप से मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारों के मध्य वैमनस्यता विद्यमान रहती है, उसे समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत द्वारा अपनी सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है। राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन के लिए एक शिविर भी लगाया गया था। इस अवसर पर मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया था। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कुछ दिव्यांगजनों को व्हील चेयर-बैसाखी आदि का वितरण भी किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रूपेश रंजन, पीओ एमएसीटी संजय हरि शुक्ला, जिलाधिकारी अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी सहित सभी न्यायिक अधिकारी, सिविल बार के अध्यक्ष रामयश यादव, सचिव ज्योत्सना श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।