गाजीपुर। जिले में बृहस्पतिवार को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सहित ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर विविध जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस क्रम में सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित गोष्ठी पर सीएमओ डॉ. देश दीपक पाल ने कहा कि मलेरिया मच्छर ज्यादातर अनुपयोगी कुंओं, तालाब/पोखरा, सीमेंट के टैंक, नाले, जलजमाव एवं पानी जमा होने वाले निचले क्षेत्रों में पनपता है। मच्छरों के पनपने वाली जगहों की निगरानी करें और उनका नियमित निराकरण करें। मच्छरों का प्रकोप पहले सिर्फ बारिश के दौरान और बारिश के बाद दिखता था जबकि अब दो से तीन महीने छोड़कर पूरे साल ही दिखते हैं। आवश्यकता पड़ने पर मलेरिया रोकने के लिए अब फॉगिंग का कार्य पूरे साल चलेगा। साथ ही स्वास्थ्य टीमें सर्वाधिक मच्छर वाले इलाकों को चिन्हित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है। जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान में संचालित संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को नष्ट कराया जा रहा है। एंटी लार्वा का छिड़काव तथा फॉगिंग भी कराया जा रहा है। मलेरिया की जांच और उपचार की सुविधा जिला मुख्यालय के अलावा सभी सीएचसी/पीएचसी पर उपलब्ध है। आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्र में जाकर मरीजों की पहचान कर रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट से त्वरित जांच कर रही हैं। किसी जलपात्र में पानी है तो उसे सप्ताह में एकबार जरूर खाली कर दें। मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति का समय से इलाज शुरू होने पर जान जाने का खतरा कम हो जाता है। इस मौके पर एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. जेएन सिंह एवं एसीएमओ डॉ. मनोज कुमार सिंह मौजूद रहे।