मनिहारी। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल निर्माण परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद के साथ निर्माणाधीन विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य की गति अपेक्षा से धीमी मिलने पर उन्होंने कार्यदायी संस्था को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। विकास खंड मनिहारी में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुपालन की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल शासन की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। विद्यालय के निर्माण के बाद कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि विद्यालय का निर्माण अटल आवासीय विद्यालय की तर्ज पर कराया जा रहा है और इसे नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच एमएनआईटी प्रयागराज से कराई जा चुकी है, जिसमें गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है। इसके बावजूद भविष्य में किसी प्रकार की कमी मिलने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए निर्माण एजेंसी को श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने भी निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विद्यालय में स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल मैदान, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उच्च मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) मनिहारी के एकेडमिक ब्लॉक निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी कि मानकों से समझौता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन की व्यवस्था होगी।