गाजीपुर के शहर कोतवाली क्षेत्र के गोराबाजार स्थित अल्टरनेट स्कूल में गुरुवार को मर्चेंट नेवी के नाम पर फर्जी परीक्षा कराने का मामला सामने आया। यह परीक्षा राजस्थान की एक निजी संस्था करा रही थी। शक होने पर स्कूल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परीक्षा कराने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, ये लोग परीक्षा कराने वाले किसी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। इसकी जांच की जा रही है। राजस्थान की नॉर्थ इंडिया मरीन एकेडमी एंड मैनेजमेंट ऑफ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने सात अक्तूबर को स्कूल प्रबंधक से फोन पर संपर्क किया। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, संस्था के लोगों ने कहा था कि वह एक प्रवेश परीक्षा कराना चाहते हैं, उसमें केवल गाजीपुर के बच्चे शामिल होंगे।
इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन ने 14 अक्तूबर को शहर कोतवाली में दी। इधर, गुरुवार को परीक्षा कराने दिनेश जाट निवासी बडल्ला थाना बारामील सराना जिला अजमेर राजस्थान और सचिन बगडिया निवासी ग्राम पालडि थाना बालारा जिला सीकर राजस्थान पहुंचे।
उन्होंने 500-500 रुपये देकर गाजीपुर के कुछ लोगों की परीक्षा में ड्यूटी लगा दी। गाजीपुर, वाराणसी, भदोही, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी आदि स्थानों से आए 230 परीक्षार्थियों को अपने साथ लाए प्रवेश पत्र पर मुहर लगाकर देने लगे। परीक्षा कराने के तौर-तरीके को देख स्कूल प्रबंधन को शक हुआ तो इसकी जानकारी पुलिस को दे दी।
सूचना पर एसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्रा, सीओ सुधाकर पांडेय, शहर कोतवाल दीनदयाल पांडेय आदि पहुंच गए। पुलिस को देख ड्यूटी करने वाले भाग खड़े हुए। पुलिस ने परीक्षा कराने आए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वे मर्चेंट नेवी में भर्ती कराने के लिए परीक्षा करा रहे थे। कड़ाई से पूछताछ की गई तो फर्जी तरीके से परीक्षा संचालित कराने का मामला प्रकाश में आया है। देर शाम पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
बोले अधिकारी
एक विद्यालय में मर्चेंट नेवी की फर्जी परीक्षा की सूचना मिली। छानबीन की गई तो फर्जीवाड़ा के संकेत मिले। परीक्षा करा रहे दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, एसपी सिटी।