खसरा प्रभावित गांव बारा पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
लोगों को साफ - सफाई से रहने की हिदायत भी दी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
बारा। स्वास्थ्य विभाग और डब्लूएचओ की टीम ने शुक्रवार को भदौरा ब्लाॅक के खसरा प्रभावित बारा गांव का दौरा किया। गांव में कई दिनों से खसरे की चपेट में आए बीमार बच्चों का हालचाल लिया। चिकित्सकों की टीम को गांव पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया, वहीं लोगों को साफ - सफाई से रहने की हिदायत भी दी गई।
बिहार सीमा पर स्थित भदौरा ब्लाॅक के बारा गांव में बीते कई दिनों से कई बच्चे खसरे की चपेट में हैं। खसरे की चपेट में आकर एक बच्चे की मौत होने और पांच बच्चों के बीमार होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। एसीएमओ एसके मिश्रा, डब्लूएचओ के एसएमओ डॉक्टर विनय शंकर तिवारी चिकित्सकों की टीम के साथ बारा गांव में पहुंचे।
उन्होंने बीमार बच्चों का हालचाल लेते हुए बच्चों के स्वैब और ब्लड के नमूने लिए। इस दौरान बीमारी से बचाव के उपाय भी बताए गए। साथ ही साथ खसरे के टीकाकरण के प्रति भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। एसीएमओ ने गांव में कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को डेली रिपोर्ट भी देने का भी निर्देश दिया।
बारा गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों से खसरे के प्रकोप के बारे में विस्तार से पूछताछ की गई। इस दौरान गांव में जो बच्चे खसरा से प्रभावित थे, उनमें टीका न लगने की पुष्टि हुई। एसीएमओ सीएमओ डा. एसके मिश्रा ने बताया कि बारा गांव में खसरे की चपेट में आकर साढ़े चार वर्ष का सत्यम यादव पुत्र अशोक यादव की मौत बीते 26 मार्च को हो गई।
वहीं अब्दुल्लाह (8), हलीमा (2), हम्माद अली (4), साद अली (2) और जुहान बाबर (डेढ़ वर्ष) खसरा से प्रभावित हैं। बताया कि प्रभावित बच्चों के स्वैब और ब्लड के नमूने ले लिए गए हैं। उन्होंने कहा गांव पर विभाग की निगाह बनी हुई है। जैसे ही बच्चे ठीक होते हैं। विशेष अभियान चलाकर बच्चों को मिजिल्स के टीके लगाए जाएंगे।
मालूम हो कि भदौरा विकास खंड के बारा गांव में पिछले कई दिनों से कई बच्चे खसरे की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग को जब इसकी जानकारी हुई तो वह हरकत में आया है। एसीएमओ ने आनन - फानन में हालात का जायजा लेने बारा गांव पहुंचे। इस दौरान डब्लूएचओ मानिटर अमित, पीएचसी प्रभारी बारा डॉक्टर अजीत कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।