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मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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गाजीपुर। नगर समेत ग्रामीणांचलों में गंगा सहित अन्य नदियों के प्रमुख घाटों पर लोगों ने मौनी अमावस्या पर आस्था की डुबकी लगाई। नगर में भोर से ही श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचने लगे। यह सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। ग्रामीण इलाके में विभिन्न गंगा घाटों पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर दान-पुण्य किया। इस अवसर पर प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। जगह-जगह पुलिस भोर से ही चक्रमण करती रही। शहर के ददरीघाट, नवापुरा, सिकंदरपुर, कलेक्टरघाट, चीतनाथ, महादेवा, पोस्ताघाट आदि घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरु हो गया था। बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिलाएं गंगा घाटों पर पहुंचे और नदी में स्नान किया। सभी घाटों पर सुबह से लेकर दिन में दस बजे तक स्नान-ध्यान का कार्य चलता रहा। ग्रामीण क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे थे। लोगों ने गंगा स्नान कर घाटों पर स्थित मंदिरों में पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। स्नान करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। कई घाटों पर गंगा के घाट छोड़ने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्नान करने के लिए उन्हें काफी दूर तक पदयात्रा करनी पड़ी। डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किया। भीड़ के कारण कई घाटों पर मेले जैसी स्थिति बनी रही। जमानिया: मौनी अमावस्या के अवसर पर नगर के बलुआ कंकड़वा साधू सतुआनी आदि घाटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। सूर्योदय के साथ ही परशुराम जमदग्नि ऋषि घाट समेत अन्य घाटों पर श्रद्धालु गंगा में स्नान करने पहुंच गए थे। ज्योतिषाचार्य संतोष पांडेय ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि अगर इस अमावस्या पर मौन रहे तो इससे अच्छे स्वास्थ्य और ज्ञान की प्राप्ति होती है। ग्रह दोष दूर करने के लिए भी ये अमावस्या खास मानी गई है। नगर के गंगा घाट पर मौनी अमावस्या के अवसर पर खासी भीड़ रही। स्नान करने आए लोगों के मुताबिक इस दिन पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है। मौनी अमावस्या पर किए गए दान-पुण्य का फल सौ गुना ज्यादा मिलता है। इस दिन गंगा का जल अमृत के समान होता है। मौनी अमावस्या को किया गया गंगा स्नान अद्भुत पुण्य प्रदान करता है। इस दौरान कोतवाल राजीव कुमार सिंह सहित तहसील के कर्मचारी शांति व्यवस्था के लिए चक्रमण करते रहे और व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इसके अलावा मुहम्मदाबाद, सैदपुर, औड़िहार सहित कई अन्य क्षेत्रों में मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पतित पावनी में डुबकी लगाई।
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