गाजीपुर। जिले में अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 (11 महीने) तक चलाए गए मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान में 171 अलग-अलग उत्पादों के नमूनों में 95 मिलावट के मिले। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 79 नमूनों से संबंधित लोगों के खिलाफ वाद दायर किया। जबकि 16 नमूनों से संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जरूरी प्रक्र्रिया की जा रही है। इसमें 33 नमूने दूध अथवा इससे बने उत्पादों के थे, जिसमें 16 नमूने मिलावटी पाए गए। विभाग का कहना है कि पर्वों के दौरान मिलावटखोरी के मामले ज्यादा बढ़ते हैें। इसे देखते हुए लगातार जांच और छापा मारकर नमूने लिए जा रहे हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा आहार माने जाने वाले दूध में मिलावट का काला कारोबार हो रहा है। मांग ज्यादा और उत्पादन कम होने से मिलावट के मामले काफी बढ़ गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की मानें तो बीते अप्रैल माह से बीते 28 फरवरी 2021 तक 171 से ज्यादा खाद्य नमूने लिए जा चुके हैं। इसमें 33 दूध तथा 26 दूध से बनी मिठाई के अलावा आठ खोवा, 10 खाद्य तेल के अलावा अलग-अलग मिठाई के नमूने थे। लैब में भेजे गए नमूनों में से 95 नमूनों में मिलावट होना मिला है। इसमें 33 दूध के नमूनों में 16 दूध के नमूने फेल मिले हैं, तो वहीं दूध से बनी 24 मिठाइयों में मिलावट होना मिला है। जबकि आठ खोवा में छह खोवा की मिठाई में मिलावट होना पकड़ा गया। विभाग के अभिहित अधिकारी अजीत कुमार मिश्रा का कहना है कि मिलावटखोरी के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। दूध से लेकर हर खाद्य सामग्री में मिलावट को रोकने के लिए दुकानदारों को चेताया भी जा रहा है और मिलावट न करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा हैै। इसके अलावा टीम बनाकर लगातार छापा मार कर नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष में फेल हुए 95 नमूनों में से 79 से संबंधित के विरुद्ध वाद दायर किया जा चुका है। जबकि 16 के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रकिया चल रही है। इसमें एडीएम कोर्ट में 42 का निस्तारण हो चुका है, जिसमें 12 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।