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Ghazipur News: एमआरएफ सेंटर में लगाई जाएगी मशीन, कूड़ा निस्तारण में मिलेगी सहूलियत

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एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) में जल्द ही मशीन लगाई जाएगी। इसके बाद कूड़ों के निस्तारण में सहूलियत मिलेगी। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि एमआरएफ सेंटर में पहले मिट्टी भराई की जाएगी। इसके बाद मशीन लगाई जाएगी। वर्ष 2022 में नगर से सटे जंजीरपुर के पास एमआरएफ सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अब तक मशीन नहीं लग पाने के कारण मैनुअल तरीके से कूड़ों का निस्तारण किया जाता है। जिसके कारण सही तरीके से कूड़ों का निस्तारण नहीं हो पाता है और प्रदूषण में इजाफा होता है। मशीन लग जाने के बाद कूड़ा निस्तारण में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सदर नगर पालिका क्षेत्र में कुल 25 वार्ड हैं। इन 25 वार्डों से प्रतिदिन लगभग 40 से 42 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। अब तक एमआरएफ सेंटर पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाने के कारण कूड़ों का निस्तारण किसी तरह से किया जाता है। वहीं एमआरएफ सेंटर में लगभग 16 लाख की लागत से मशीन लगाई जाएगी। एमआरएफ सेंटर का मशीनीकरण हो जाने के बाद गीले और सूखे कूड़ों को मशीन के जरिये अलग-अलग किया जाएगा। इसके बाद कंपोस्ट खाद बनाकर किसानों को सस्ते दर पर मुहैया कराया जाएगा। इससे किसानों को भी आर्थिक रूप से फायदा होगा। साथ ही नगर पालिका के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। नगर पालिका के ईओ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मिट्टी भराई के बाद एमआरएफ सेंटर में मशीन लगाई जाएगी।
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क्या है एमआरएफ सेंटर

गाजीपुर। एमआरएफ सेंटर का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण बढ़ाए बगैर ईको-फ्रेंडली तरीके से कूड़ों का निस्तारण करना है। एक जगह पर कूड़ों को इकट्ठा करके मशीन के जरिये उसको कंपोस्ट खाद में बदला जाता है। इसके पूर्व गीले और सूखे कूड़ों को अलग-अलग किया जाता है। मालूम हो कि एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की गाइड लाइन है कि सभी नगरीय निकायों में एमआरएफ सेंटर की व्यवस्था की जाए। संवाद
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